ग्रामीण स्कूलों से 12वीं पास करने वाले होनहारों के लिए खुशखबरी। प्रपोजल परवान चढ़ा तो आगामी अकेडमिक सत्र से पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड कालेजों में गांव से पढ़ाई करने वालों के लिए दाखिले में रिजर्वेशन होगा। पीयू सीनेट में इस प्रस्ताव को पूरी सीनेट ने समर्थन दिया।
पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने प्रपोजल तैयार कर कमेटी को भेजने का आश्वासन दिया है। पीयू सीनेटर डॉ. सुरेंदर सिंह सांगा ने पीयू सीनेट में गांव के स्कूलों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पीयू और एफिलिएटेड कालेज के सभी कोर्स में दो सीट रिजर्व करने की मांग रखी है।
डॉ. सांगा का तर्क है कि ग्रामीण स्तर से पढ़ाई करने वाले टॉपर विद्यार्थी शहरी विद्यार्थियों से दाखिले की मेरिट लिस्ट में मुकाबला नहीं कर पाते।
उन्होंने कहा कि 66 फीसदी स्कूली बच्चे गांव से पढ़ते हैं, लेकिन दाखिले में उनकी हिस्सेदारी चार फीसदी से भी कम होती है।
इस प्रोपजल से ऐसे होनहारों को फायदा होगा, जो दाखिला नहीं मिलने के कारण कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। वहीं पीयू प्रशासन इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को इससे सबसे अधिक फायदा होगा।
पीयू में इन्हें मिलता है रिजर्वेशन
वर्तमान में पंजाब यूनिवर्सिटी एड्स पीड़ित, सिंगल गर्ल चाइल्ड, कैंसर पीड़ित, थैलेसिमिया से पीड़ित विद्यार्थियों के लिए सीटें रिजर्व हैं। यह सुविधा ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले दाखिले में लागू नहीं होती।
डॉ. सांगा ने पीयू प्रशासन से अन्य रिजर्व सीटें की तरह ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सीटें मांगी हैं। गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी और पंजाबी यूनिवर्सिटी में इस तरह के दाखिले का प्रावधान है।
पीयू सीनेटर ने किया समर्थन
डॉ. सांगा ने बताया कि सिंतबर 2013 को हुई पीयू सीनेट में गांव के विद्यार्थियों के लिए दो से पांच सीट रिजर्व करने की मांग की थी।
इस मामले में कई बार पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, डीयूआई, डीएसडब्ल्यू और डीसीडीसी को पत्र लिखा था। लेकिन, इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में डॉ. जगवंत सिंह, मनीष वर्मा, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. डीपीएस रंघावा और सीनेटर विरेंद्र गिल ने भी समर्थन किया।