लखनऊ विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस (आईएमएस) में एमबीए के फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स को शनिवार को बड़ी राहत मिल गई। अब उनका रिजल्ट आईएमएस के लिए बने परीक्षा नियमों के अनुसार दोबारा तैयार किया जाएगा।
उन्हें चार पेपर में फेल होने पर भी बैक पेपर देकर आगे की क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा। जबकि नए नियम के अनुसार प्रति सेमेस्टर दो पेपर में फेल होने पर ही बैक पेपर की सुविधा दी गई है। यही नहीं अब 30 नंबर के इंटरनल असेसमेंट के अलावा 70 नंबर की लिखित परीक्षा में से 28 नंबर पाना भी अनिवार्य नहीं होगा।
उन्हें पहले की ही तरह कुल 100 अंक में से 40 अंक लाने पर ही पास माना जाएगा। नंबरों की यह छूट इन्हें इस सेमेस्टर में ही दी जाएगी। बाकी आगे 70 में से 28 नंबर लोन पर ही पास माना जाएगा।शनिवार को जानकीपुरम स्थित द्वितीय कैंपस के आईएमएस में परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला, ओएसडी आईएमएस प्रो. अरविंद मोहन और स्टूडेंट्स के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए।
नए नियमों की वजह से 75 प्रतिशत हुए थे फेल
परीक्षा विभाग ने एमबीए कोर्सेज में नए नियम गलत ढंग से लगा दिए थे जिसके कारण एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर में 75 प्रतिशत स्टूडेंट फेल हो गए थे और बाकी बचे 25 प्रतिशत स्टूडेंट बामुश्किल बैक पेपर के साथ पास हो पाए थे।
अब दोबारा आईएमएस के नियमों के अनुसार रिजल्ट बनाए जाएंगे तब सभी स्टूडेंट पास हो जाएंगे। सिर्फ 25 फीसदी स्टूडेंट्स का ही बैक पेपर आएगा लेकिन वह भी आगे एमबीए सेकंड सेमेस्टर में प्रमोट हो जाएंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि आईएमएस में ओएसडी प्रो. अरविंद मोहन, स्टूडेंट्स और परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला के बीच शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक में साफ हो गया है कि सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए जो नए नियम बनाए गए हैं उसमें एमबीए कोर्स शामिल नहीं है। आर्डिनेंस में भी साफ लिखा है कि एमबीए को छोड़कर बाकी सभी कोर्सेज में यह नए नियम लागू होंगे।
इस साल लागू नहीं होगा नियम
वहीं 100 नंबर के पेपर में 30 नंबर इंटरनल असिस्मेंट के और 70 नंबर लिखित परीक्षा के हैं। नए नियम के अनुसार स्टूडेंट्स को 70 नंबर में से 28 अंक यानि कुल 48 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है।
इस नियम को इस साल लागू नहीं किया जाएगा, इस वर्ष स्टूडेंट्स को छूट दी जाएगी। आगे इसे लागू किया जाएगा। फिलहाल परीक्षा विभाग अब दोबारा रिजल्ट तैयार करेगा। जो रिजल्ट तैयार किया गया है उसे अब रद्द कर दिया जाएगा।
इसके बाद अभी जो 75 प्रतिशत स्टूडेंट फेल हैं वह पास हो जाएंगे और 25 प्रतिशत स्टूडेंट जो बैक पेपर के साथ बामुश्किल अगली कक्षा में प्रमोट हुए हैं वह अब क्लीयर कट पास हो जाएंगे। जल्द ही यूनिवर्सिटी प्रशासन स्टूडेंट्स का नया रिजल्ट तैयार कर जारी कर देगा।
एलयू में आईएमएस में एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर में फेल हुए स्टूडेंट के चेहरे उस समय खिल उठे जब दोबारा नए सिरे से रिजल्ट तैयार करने की घोषणा हुई। आखिरकार स्टूडेंट्स का विरोध सही साबित हुआ और उन्हें आंदोलन के बाद न्याय मिल ही गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है।