पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए रोटेशन सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है। पीयू के पत्राचार और ईवनिंग स्टडी विभाग के शिक्षकों का भी अब पीयू कैंपस के मेन डिपार्टमेंट और पंजाब स्थित रीजनल सेंटर में ट्रांसफर किया जा सकेगा।
पीयू प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है। पीयू ने सभी विभागों से शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा है। जो अगले महीने तक पीयू डीयूआई के पास सौंपना होगा। अगले सत्र से पीयू और रीजनल सेंटर में शिक्षकों का रोटेशन सिस्टम शुरू हो सकता है। पीयू कैंपस में इस समय करीब 1000 शिक्षक हैं।
यूजीसी मानकों के अनुसार पीयू में शिक्षकों की काफी कमी है। यहां हर साल 20 से 30 प्रोफेसर रिटायर हो रहे हैं। लेकिन आर्थिक तंगी में चल रही पीयू नए शिक्षक की भर्ती नहीं कर पा रही है। सूत्रों के अनुसार पीयू कैंपस के 75 विभागों में मौजूदा समय में करीब 400 शिक्षकों की कमी है।
पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने पीयू के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) पत्राचार विभाग और पीयू ईवनिंग डिपार्टमेंट के शिक्षकों का भी जरूरत के हिसाब से कैंपस डिपार्टमेंट में लाने का प्रपोजल तैयार किया है।
सूत्रों के अनुसार कमेटी का कहना है कि सभी शिक्षकों की नियुक्ति योग्यता एक जैसी है। ऐसे में इन शिक्षकों को रोटेशन के हिसाब से जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों में बदला जा सकता है। पीयू प्रशासन इसके लिए खास तौर पर रोटेशन पॉलिसी भी तैयार करेगा।
अब ऑनलाइन मिलेंगे नोट्स
यूसोल में दाखिला लेने के लिए हर साल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। करीब 22 हजार विद्यार्थी इस समय इसमें पढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों को नोट्स भेजने के लिए पीयू को काफी खर्च करना पड़ता है। पीयू प्रशासन अब सभी पत्राचार विद्यार्थियों को ऑनलाइन नोट्स उपलब्ध कराएगा।
सूत्रों के अनुसार पीयू में रिकार्डिंग स्टूडियो तैयार कराया जाएगा। विभिन्न विषयों के सीनियर प्रोफेसर के लेक्चर की रिकार्डिंग कर ऑनलाइन ही नोट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। सिर्फ दूरगामी इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए ही प्रिंट नोट्स जारी किए जाएंगे।
गेस्ट लेक्चर पर लाखों खर्च
शिक्षकों का रोटेशन सिस्टम शुरू करने का उद्देश्य पीयू की आर्थिक तंगी को कुछ हद तक कम करना है। हर महीने पीयू प्रशासन विभिन्न विभागों में गेस्ट लेक्चर के तौर पर विभिन्न कॉलेज और अन्य यूनिवर्सिटी प्रोफेसर पर लाखों रुपये खर्च करता है। रोटेशन सिस्टम के बाद गेस्ट लेक्चर काफी हद तक बंद हो जाएंगे। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों के काफी शिक्षक वेतन के साथ पीयू में गेस्ट लेक्चर के तौर पर 25 हजार तक अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।