यूपी के रामपुर से आई रामपुर रजा लाइब्रेरी ने अपने स्टॉल में फारसी से हिंदी में लिखी वाल्मीकि रामायण को प्रदर्शित किया। इस किताब की खासियत है कि इसके फारसी वर्जन को सोने के पन्नों में लिखा गया था, हालांकि यह वर्जन स्टॉल के संचालक अपने साथ शहर में नहीं लाए।
कुछ ऐसी ही किताबों की विस्तृत श्रंखला को सोमवार सुबह पंजाब यूनिवर्सिटी में एसी जोशी लाइब्रेरी में बुक फेयर 2014 के पहले दिन शामिल किया गया। बुक फेयर का उद्घाटन डीयूआई प्रोफेसर एके भंडारी ने किया साथ ही प्रोफेसर एचआर चोपड़ा, डॉ आरपी कुमार और डॉ राज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। फेयर में देशभर के तकरीबन 45 पब्लिकेशन हाउस ने हिस्सा लिया है।
भगत सिंह के दस्तावेज भी मिलेंगे
फेयर में पाश, गुरशरण सिंह, गुरदयाल सिंह जैसे लेखकों की कविता और कहानियों को प्रदर्शित करने वाले आधार प्रकाशन के देश निर्मोही ने बताया कि उनके स्टॉल में साहित्य से जुड़ी कई खास किताबें हैं।
उन्होंने स्टॉल में केवल हिंदी में ही किताबों को रखा है। उनके स्टॉल में भगत सिंह के संपूर्ण दस्तावेज जैसी खास किताब भी आकर्षण का केंद्र है।
उन्होंने बताया कि वह साहित्य अकादमी हरियाणा के पूर्व निदेशक रह चुके हैं और हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए ही उन्होंने इसका एक खास स्टॉल लगाया है।
1500 ईस्वी से 21वीं सदी तक की उपचार तकनीक
दिल्ली से आए कारगर प्रकाशन ने मेडिकल से संबंधित कई किताबों को प्रदर्शित किया है। प्रकाशन के सौरभ शर्मा ने बताया कि उनकी सभी किताब विश्व प्रख्यात डाक्टरों द्वारा लिखी गई हैं।
सबसे प्रभावशाली किताब 1500 ईस्वी से 21वीं सदी तक की उपचार तकनीक से लेस ‘द फेब्रिक ऑफ द ह्यूमन बॉडी’ की कीमत एक लाख रुपये है।
उन्होंने बताया कि किताब में आंखों से संबंधित, दंत चिकित्सा, जेनेटिक्ल बीमारियों से संबंधित उपचार शामिल हैं। बुक फेयर 29 अगस्त तक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा।