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पंजाब बोर्ड में पढ़ने वालों के लिए अहम खबर

Sun, 21 Sep 2014 11:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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वर्षों से गलत जानकारियां देती आ रहीं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की किताबें अब सुधरेंगी। आखिर बच्चों को हर विषय की सही जानकारी मिल सकेगी। बोर्ड ने करीब बीस साल बाद सिलेबस रिवाइज करने की कवायद शुरू की है। इसके तहत गलतियां सुधार कर नई किताबें तैयार की जाएंगी। अगले सत्र 2015 से सभी कक्षाओं के बच्चों को सुधरी हुई नई किताबें मिलेंगी।
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की पहली से बारहवीं कक्षा तक सभी कक्षाओं की मिलाकर कुल 297 किताबें हैं। इनमें से 175 किताबें रिवाइज सिलेबस के मुताबिक सुधार कर तैयार कर ली गई हैं। कुछ किताबें एनसीईआरटी की हैं। बाकी किताबें भी जल्द सुधार ली जाएंगी। सारा सिलेबस नेशनल क्यूरिकलम फ्रेमवर्क के तहत तैयार किया जा रहा है।

बोर्ड की किताबों में वर्षों से गलतियां चली आ रही थीं। ग्रामर की गलतियां काफी थीं, तो नक्शे भी गलत दिए हुए थे। किताबों के आखिर में अभ्यास पुस्तिका नहीं थी, उससे भी बच्चों को परेशानी आ रही थी।
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गलत जानकारी देता आ रहा था बोर्ड

सबसे ज्यादा समस्या गलत जानकारी से थी। भारत को ओलंपिक्स में कई मेडल मिलने के बाद भी बच्चों को वर्षों पुरानी जानकारी दी जा रही थी। नोबल पुरस्कार विजेता डॉ. हरगोबिंद खुराना का नाम डॉ. डीएच खोराना लिखा था।

बोर्ड के मुताबिक सिर्फ पांच क्षेत्रों में ही नोबल मिलता है, इकोनॉमिक्स के नोबल पुरस्कार की जानकारी ही नहीं थी। ऐसी तमाम गलतियां 2011 में तत्कालीन डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन कृष्ण कुमार ने पकड़ी थीं।

उनके आदेश पर सिलेबस रिवाइज करने की कवायद भी शुरू हुई, पर खास कुछ नहीं हुआ। पिछले साल बोर्ड ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की कमेटी बनाई, जिसने किताबें रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो अगले सेशन से पहले सिरे चढ़ने की उम्मीद है।
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ई-बुक्स भी तैयार, शिक्षाविदों से मांगे सुझाव

पीएसईबी नई किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स भी तैयार कर रहा है। किताबों को पीडीएफ फॉर्मेट में वेबसाइट पर डाला जा रहा है। अब तक बारह ई-बुक्स तैयार हो चुकी हैं।

इस तरह से बोर्ड ने राज्य भर के शिक्षाविदों से सुझाव मांगे हैं। नई किताबों में कोई गलतियां हैं या वे कुछ और वैल्यू एडीशन कर सकते हैं तो बोर्ड को बता सकते हैं।

ई-बुक्स तैयार करने वाले यह पहला क्षेत्रीय बोर्ड बन गया है। ई-बुक्स से स्टूडेंट्स को भी काफी फायदा होगा। वे कहीं भी वेबसाइट से किताब डाउनलोड कर सकेंगे। किताबें लेट होने से दिक्कत नहीं आएगी।

आकर्षक होंगी नई किताबें
वर्षों से चली आ रही शिक्षा बोर्ड की पुरानी किताबें बेहद नीरस थीं। किताबों में विजुअल बिल्कुल नहीं थे, जिससे बच्चों की रुचि भी पैदा नहीं हो पाती थी। पर नई किताबों में इस बात पर खास फोकस किया गया है। नई किताबें काफी आकर्षक बनाई जा रही हैं। सब्जेक्ट एक्सपर्ट इस बात पर खास ध्यान रख रहे हैं कि इनमें ज्यादा से ज्यादा तस्वीरें हों।
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