लोक सेवा आयोग में राज्य के भावी अफसरों का भविष्य लटका है।
मुख्य परीक्षा के सात माह बाद भी रिजल्ट का कोई अता पता नहीं है। चयन प्रक्रिया शुरू हुए दो साल होने को है, लेकिन अभ्यर्थी अब भी मुख्य परीक्षा के परिणाम की बाट जोह रहे हैं।
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राज्य बनने के बाद आयोग की रफ्तार धीमी रही। आलम यह है कि पिछले 13 वर्षों में अफसरों के मात्र तीन बैच ही निकाले जा सके। सरकार की ओर से 2010 की परीक्षा के लिए भेजे गए प्रस्ताव में 268 पदों पर भर्ती होनी थी, लेकिन एपीओ के अलावा किसी भी पद पर नियुक्तियों का काम पूरा नहीं हुआ।
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विगत 18 जनवरी को संपन्न 2010 की मुख्य परीक्षा में मात्र 2517 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनकी कॉपियां जांचने में ही आठ महीने निकल गए। हाल ही में सरकार ने 2013 की सिविल सेवा सम्मिलित परीक्षा के लिए 173 पदों पर भर्ती का अधियाचन भी भेजा है।
अभी पहली परीक्षा ही पूरी नहीं ऐसे में दूसरी कब शुरू होगी, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
अधिकारियों की किल्लत से काम पर असर
वहीं दूसरी तरफ लोक सेवा आयोग की धीमी रफ्तार का असर सरकारी महकमों के कामकाज पर पड़ रहा है।
पीसीएस (कार्यकारी शाखा यानि एसडीएम) की कैडर स्ट्रेंथ 158 की है, लेकिन सरकार के पास इसके आधे अफसर भी नहीं है। आने वाले समय में सीडीओ, एडीएम व एसडीएम के पदों पर तैनात करने के लिए अफसर ढूंढने होंगे।
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यदि यह परीक्षा पूरी हो जाती तो बीस डिप्टी कलक्टर मिल गए होते। इसी तरह राज्य में 84 तहसीलें हैं, पर स्थायी तहसीलदारों की संख्या डेढ़ दर्जन के आसपास है।
वरिष्ठ तहसीलदारों को एसडीएम बना दिया गया है और नायब तहसीलदारों को तहसीलदारों का प्रभार दिया गया है। वित्त विभाग में भी सारे पद प्रभारी व्यवस्था में चल रहे हैं। आयोग की परिधि में आने वाले सभी पदों पर स्वीकृत कैडर से आधे से भी कम अधिकारी काम कर रहे हैं।
2010 के अधियाचन पर एक नजर
-आठ जनवरी 2012 को हुई प्रारंभिक परीक्षा
-परीक्षा में कुल 44795 परीक्षार्थी हुए शामिल
-21 जुलाई 2012 को परिणाम हुआ घोषित
-26 अक्टूबर 2012 को आया संशोधित परिणाम
-प्रारंभिक परीक्षा में कुल 3827 परीक्षार्थी उत्तीर्ण
-18 जनवरी 2013 को मुख्य परीक्षा संपन्न
- कुल 2517 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
2010 की परीक्षा के अंतर्गत प्रारंभिक परीक्षा में कुछ त्रुटि के कारण संशोधित रिजल्ट निकालना पड़ा। देरी की एक वजह यह भी रही। एक डेढ़ महीने में मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने की उम्मीद है। फिर साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होगी।
- रंजीत सिन्हा, सचिव, लोक सेवा आयोग
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