पीयू) की आज होने वाली सिंडीकेट बैठक में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) में हेडशिप रोटेशन को लेकर अहम फैसला आने की उम्मीद है।
रोटेशन व्यवस्था को लेकर यूआईएलएस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय रंगा और सीनेटर विरेंद्र गिल दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे थे।
कुलपति द्वारा मामले को सिंडीकेट बैठक में पारित कराए जाने के आश्वासन के बाद ही भूख हड़ताल खत्म हुई थी। उधर सिंडीकेट में अन्य पीयू इंस्टीट्यूट में भी रोटेशन मामला गरमा सकता है। इस मामले को लेकर आने वाले दिनों में माहौल गरमाने की पूरी संभावना है।
बैठक में आने वाले प्रस्ताव
- अगले सत्र से ट्यूशन फीस में 10 से 20 फीसदी तक इजाफे का प्रस्ताव।
- पीयू में एसोसिएट और प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव।
- पत्रकारिता विभाग में हिंदी और पंजाबी पीजी डिप्लोमा को बंद करने का प्रस्ताव, एमफिल ज्योग्राफी को भी अगले साल से बंद करने पर हो सकता है फैसला।
- ऑडिटोरियम और लॉन के किराये में बढ़ोतरी होना तय।
- कैंपस में 11 करोड़ की लागत से जेनरेटर सेट खरीदने का प्रस्ताव।
- गर्ल्स हॉस्टल के लिए तीन करोड़ को मंजूरी मिलने की संभावना।
- नकल के 14 केस में विद्यार्थियों को पांच साल के लिए परीक्षाओं से डीबार करने पर फैसला।
- एनएसएस ऑफिसर की नियुक्ति नियमों का प्रस्ताव
- कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन के कंफर्मेशन को मंजूरी।
- एफिलिएटेड चार कालेज में 13 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का मामला।
नॉन टीचिंग को रेगुलर करने का मामला भी
पीयू में 10 से 20 वर्ष से अस्थायी तौर पर काम कर रहे करीब 150 सी और डी क्लास कर्मचारियों को रेगुलर करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
25 फरवरी को होने वाले नॉन टीचिंग एसोसिएशन चुनाव को देखते हुए उम्मीदवार इस मामले को लेकर भागदौड़ कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले की फाइल आला अधिकारियों की ओर से आगे नहीं बढ़ पाई है।