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3125 स्टूडेंट्स का भविष्य और स्कूलों की मान्यता दोनों संकट में

Sun, 14 Jun 2015 10:04 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी ने प्रदेश के उन निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी कर ली है, जिन्होंने नौवीं कक्षा में फर्जी एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) लेने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया है।
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बोर्ड ने इन स्कूलों को गत 19 मई को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि फर्जी एसएलसी वाले 3125 बच्चों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराएं अन्यथा बोर्ड संबंधित स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।

जानकारी के अनुसार, संबंधित स्कूलों की ओर से शैक्षिक सत्र 2013-14 में दसवीं कक्षा में 3125 बच्चों के पक्ष में बोर्ड के पास जो एनरोलमेंट रिटर्न फार्म जमा कराए थे, उसके तहत सत्यापित बिंदु 5 सी में स्कूलों ने प्रमाणित किया था कि बच्चों के एसएलसी अथवा टीसी जांच में पूरी तरह सही पाए गए हैं।
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इसके साथ ही स्कूलों ने यह भी लिखकर दिया था कि यदि कोई एसएलसी अथवा टीसी बोगस पाई गई तो इसके लिए संबंधित स्कूल जिम्मेदार होगा। बोर्ड ने स्कूलों के इसी सत्यापन को कार्रवाई का आधार बना लिया है।

बोर्ड सूत्रों के अनुसार, बोगस एनरोलमेंट फार्म दाखिल किए जाने के आरोप में शिक्षा बोर्ड ने संबंधित स्कूलों को एनरोलमेंट विनियम 16 व 17 के उल्लंघन का दोषी मान लिया है।

इसके आधार पर अब विभाग ने स्कूलों की सम्बद्धता रद्द करने संबंधी कारण बताओ नोटिस तैयार कर लिया है। संभवत: सोमवार को होने वाली बैठक में निर्णय लेकर संबंधित स्कूलों को पत्र भेज दिए जाएं।

बच्चों के भविष्य से खेलने का आरोप
•प्राइवेट स्कूल संघ ने पहले बच्चों पर एफआईआर का फरमान और अब संबंधित स्कूलों पर संभावित कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा है कि कोई भी स्कूल प्रबंधन बोर्ड को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ की इजाजत नहीं देगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यदि बोर्ड ने स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तो विरोध किया जाएगा।
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•बोर्ड ने 3125 बच्चों पर एफआईआर दर्ज करने के दिए थे निर्देश
•निजी स्कूलों का बच्चों पर रपट लिखाने से इनकार
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