पीजी परीक्षा का परिणाम लटकने से प्रदेश विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र परेशान हैं। इस माह के अंत में विवि के हर विभाग में एमफिल की काउंसलिंग होगी, मगर अभी पीजी कक्षाओं का परिणाम नहीं निकला है।
हालांकि, परीक्षा शाखा ने एमफिल की प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले छात्रों का गोपनीय परिणाम विभागों को देने का विकल्प निकाला है।
पात्र छात्रों की सूची के मुताबिक परिणाम 30 अक्तूबर तक मुहैया करवाया जा रहा है। गोपनीय परिणाम की फीस नहीं वसूली जाएगी। विवि में 25 से अधिक विभाग हैं। इनमें पीजी कक्षाएं चलती हैं।
इसके अलावा प्रदेश भर के बड़े कॉलेजों में भी पीजी कोर्स चल रहे हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने कहा कि पीजी परीक्षा का परिणाम घोषित की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि इवेल्यूएशन के लिए बजट न होने के कारण पेमेंट देरी से हुई। इससे अवार्ड्स देरी से आए हैं।
बजट का प्रावधान कर लिया गया है। जिन छात्रों ने 30 अक्तूबर को एमफिल की काउंसलिंग में हिस्सा लेना है, उनके लिए विभाग के माध्यम से पात्र छात्रों की सूची मांग कर गोपनीय परिणाम उपलब्ध करवाया जा रहा है। छात्र को विवि आने की जरूरत नहीं होगी। छात्रों से कोई फीस चार्ज नहीं की जाएगी।
परीक्षा शाखा एक शर्त पर ही गोपनीय परीक्षा परिणाम मुहैया करवाएगी कि विभागों से पीजी के इंटरनल असेसमेंट और प्रेक्टिकल के अंक शाखा में पहुंचे हों।
एसएफआई ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष नोवल ठाकुर की अगुवाई में पीजी कक्षाओं का परिणाम घोषित करने की मांग पर परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की। नोवल, सचिव राहुल चौहान और पूर्व एससीए सह सचिव मोनिका डढा ने तीन दिन में परीक्षा परिणाम घोषित करने का अल्टीमेटम दिया।
कहा कि विश्वविद्यालय फीस तो बढ़ा रहा है, मगर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं कर रहा है। 45 दिन में परिणाम घोषित करने के कुलपति के दावे हवाई साबित हुए हैं। हर परीक्षा परिणाम में कई माह की देरी से छात्रों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। यदि तीन दिन में पीजी कक्षाओं का परिणाम न निकाला तो एसएफआई विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन खड़ा करेगी।