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यूनिवर्सिटी फीस पर सीएम को भी गुमराह कर गए अधिकारी

Fri, 01 Sep 2017 02:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की फीस तय करने के लिए तैयार की गई गलत प्रोसीडिंग से अफसरशाही ने मुख्यमंत्री को भी गुमराह किया है। यूनिवर्सिटी के लिए तैयार किए गए फीस स्ट्रक्चर में दस फीसदी की बढ़ोतरी बताते हुए फीस को 33 फीसदी तक बढ़ाने को लेकर प्रोसीडिंग में की गई गलती को मुख्यमंत्री कार्यालय सहित शिक्षा विभाग के अफसर भी पकड़ नहीं सके।
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गलत प्रोसीडिंग को ही मुख्यमंत्री के समक्ष अफसरों ने पेश कर मंजूर तक करवा लिया। किसी भी अफसर ने प्रोसीडिंग में हुई फीस के आंकड़ों की छेड़छाड़ को नहीं देखा। भ्रमित करने वाले फीस के आंकड़ों की विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी। 

अमर उजाला’ ने 29 अगस्त के अंक में ‘दस फीसदी बताकर 33 फीसदी बढ़ा दी एमएमयू में एमबीबीएस की फीस’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर फीस स्ट्रक्चर में की गई गड़बड़ी को उजागर किया था।
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खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एजेवी प्रसाद ने आनन फानन में शिक्षा निदेशालय से अफसर सचिवालय तलब किए। आंकड़ों को लिखने में हुई गलती को लेकर कई अफसरों को लताड़ भी लगाई।

मामला सुर्खियों में आने के बाद अब विभागीय अधिकारी गलती को सुधारने में जुटे हुए हैं।  अब नए सिरे से फीस स्ट्रक्चर को ठीक कर दोबारा से मुख्यमंत्री से मंजूर करवाने की तैयारी है।

यह है मामला
शिक्षा विभाग ने स्टेट और मैनेजमेंट कोटे की फीस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाकर फीस को 33 फीसदी बढ़ा दिया है। महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय में स्टेट कोटे की वर्तमान फीस 5.25 लाख बताई गई। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में फीस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने की बात कहते हुए फीस को सात लाख रुपये पहुंचा दिया गया है।

यह बढ़ोतरी 10 फीसदी की जगह 33 फीसदी कर दी। इसी तरह मैनेजमेंट कोटे की वर्तमान फीस 9.45 लाख को साल 2017-18 में दस फीसदी बढ़ाते हुए 12 लाख तय कर दिया है। यह बढ़ोतरी दस फीसदी की जगह 26 फीसदी की गई। 
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