अब लखनऊ विश्वविद्यालय की मार्क्सशीट पर स्टूडेंट्स की फोटो छपेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के अनुसार यह कवायद की गई है। साथ ही अब परीक्षा में बी कॉपी नहीं दी जाएगी। मुख्य कॉपी ही 32 या 40 पन्ने की होगी। 15 दिसंबर को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम मुहर लगेगी।
वहीं, डॉ. आशा स्मृति कॉलेज को बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस (बीलिब) की सत्र 2015-16 में अस्थायी संबद्धता एक अतिरिक्त सेक्शन के साथ देने पर विचार होगा। इसी कॉलेज को बीएड की स्थायी संबद्धता पर भी विचार होगा।
एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि एग्जाम की कॉपियों का मुख्य पृष्ठ अब ओएमआर शीट होगी। वहीं नंबर चढ़ाने वाला चार्ट भी ओएमआर शीट पर ही तैयार किया जाएगा। वहीं, 19 जनवरी 2015 को होने वाले एलयू के दीक्षांत समारोह की तारीख पर भी कार्य परिषद मुहर लगाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रगौरव की वर्ष 2015 में एक परीक्षा करवाई जाएगी। इसमें फेल छात्रों को मौका दिया जाएगा। वहीं, अब कॉलेजों को भी टेबुलेशन चार्ट दिया जाएगा। साथ ही वित्त समिति के फैसलों पर भी अंतिम मुहर लगाई जाएगी। कृषि संकाय खोलने पर भी अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
दीक्षांत में मिलेंगी 65 छात्रों को पीएचडी
एलयू में आर्ट्स फैकल्टी के डॉ. पवन कुमार को डीलिट् की मानद उपाधि दी जाएगी। इसके अलावा आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, एजुकेशन व लॉ फैकल्टी के 65 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी। एलयू के 19 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में इन सभी छात्रों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी।
शिक्षक के दो पदों का फिर से विज्ञापन, एक का इस्तीफा होगा स्वीकार
भूगोल विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के संविदा के दो पदों पर कोई उपयुक्त अभ्यर्थी चयन समिति को नहीं मिला। ऐसे में अब इन पदों का दोबारा विज्ञापन कर फिर से चयन समिति आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा कम्प्यूटर साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर (संविदा) डॉ. ताज आलम का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा। इस पद के रिक्त होने पर दोबारा विज्ञापन किया जाएगा।
दीक्षांत समारोह में करीब एक दर्जन गोल्ड मेडल इस बार बढ़ेंगे। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के टॉपर को अमर उजाला के नवोन्मेषक स्व. अतुल महेश्वरी गोल्ड मेडल दिया जाएगा। यह मेडल यूनिवर्सिटी प्रशासन बीती जुलाई में हुई कार्यपरिषद की बैठक में पहले ही पास कर चुकी है।
साथ ही अब करीब एक दर्जन नए गोल्ड मेडल शुरू करने करने पर विचार किया जा रहा है। कार्यपरिषद की बैठक में भूगर्भ विज्ञान विभाग में स्व. विश्वनाथ बाजपेई मेमोरियल गोल्ड मेडल देने पर मुहर लगाई जाएगी।