हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने हाल ही में प्रवेश परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के बहाने बढ़ाई गई फीस के फैसले को पलट दिया है।
छात्रों और एससीए के विरोध के बाद वीरवार को अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में हुई अधिकारियों और विभागाध्यक्षों की बैठक में फैसला लिया गया कि अब हर आवेदन के साथ फीस में शामिल की गई 160 रुपये की फीस छात्र को अदा नहीं करनी पड़ेगी।
तीन विभागों में आवेदन कर सकेंगे
छात्र एक बार ही इसे जमा करवाकर तीन विभागों में आवेदन कर सकेगा। इसके लिए छात्र को विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड करने के बाद फार्म में दिए गए तीन कॉलम में आप्शन वन, आप्शन टू, और ऑप्शन तीन में अपने प्राथमिकता के आधार पर विषय लिखने होंगे।
आप्शन वन की फीस में ही उसे फार्म की फीस जमा करवानी होगी। इसके बाद आप्शन टू और आप्शन थ्री में चूज किए गए विषयों के आवेदन फार्म के साथ छात्र को पहले विषय की जमा की फीस का प्रमाण और फार्म की फोटो स्टेट लगानी होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के मुताबिक छात्र को अन्य दो आप्शन में छात्रों को निर्धारित की गई फीस से 160 और 160 यानी 320 रुपये कम जमा करवाने होंगे।
उसे सिर्फ आवेदन की फीस ही जमा करवाकर आवेदन फार्म को संबंधित विभाग में जमा करवाना होगा। विवि ने व्यवस्था को पहले की तरह ही कर दिया है।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में ‘एचपीयू ने गुपचुप बढ़ा दी प्रवेश की फीस’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
इसमें हर विषय के लिए आवेदन करने पर छात्र को फार्म की फीस के रूप में 160 रुपये चुकाने की नई दरों को उजागर किया था। इसमें फार्म डाउनलोडिंग पर आने वाले अतिरिक्त खर्च का ब्योरा भी दिया था।