आखिर क्या कारण है कि स्टूडेंट पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा। रेग्युलर क्लास के बावजूद फेल होने के कारण तलाशने के लिए नेशनल पीजी कॉलेज ने नई योजना बनाई है।
अब कॉलेज की कमेटी स्टूडेंट्स के घर जाकर सवाल करेगी। हर फैकल्टी में दो-दो टीचरों की कमेटी बनाई गई है, जो स्टूडेंट की परफॉर्मेंस इंप्रूव करने के लिए काम करेगी। साथ ही ई-मेल व ड्रॉप बॉक्स से छात्र-छात्राओं से सुझाव मांगे जाएंगे।
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि कॉलेज में बीएससी में करीब 20 व बीए में 15 प्रतिशत स्टूडेंट फेल हो रहे हैं। अब हर फैकल्टी में दो-दो टीचरों की कमेटी फेल हुए स्टूडेंट्स की समस्या को जानने के लिए उनके घर जाएगी।
वह अभिभावकों से पूछेगी कि आखिर इतना सबकुछ होने के बावजूद ऐसा क्यूं हो रहा है। फिर अभिभावक व टीचर आपस में बैठकर स्टूडेंट्स की काउंसलिंग करेंगे और समस्या दूर करेंगे।
इससे पहले सभी फेल होने वाले स्टूडेंट्स की अभिभावकों के साथ ओपन बैठक कराई गई थी, जिसमें स्टूडेंट्स ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लिया, जिस पर उनके लिए स्पेशल क्लासेज चलाईं गईं।
अब इसके बाद जो स्टूडेंट फेल हो रहे हैं उनमें इंप्रूवमेंट के लिए हर फैकल्टी में दो टीचर पूरी नजर रखेंगे। उनका मुख्य काम यही होगा कि वह फेल होने वाले स्टूडेंट्स की इंप्रूवमेंट रिपोर्ट बनाएं।