दिल्ली विश्वविद्यालय एससी, एसटी, ओबीसी टीचर्स फोरम के चेयरमैन प्रो. हंसराज ‘सुमन’ ने एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के नेशनल टैलेंट सर्च स्कीम में ओबीसी छात्रों को भी फैलोशिप उपलब्ध कराने की मांग की है।
डीयू के प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया कि वर्तमान में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज योजना के अंतर्गत एक हजार छात्रों को फैलोशिप दी जा रही है जिससे सामान्य वर्गों के छात्रों को 750, एस.सी - 150, एस.टी - 75 व विकलांग-30 छात्रों को फैलोशिप दिए जाने का प्रावधान है। मगर ओबीसी छात्रों को इस कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया है।
इसमें चुने गए छात्रों को 11वीं और 12वीं में 1250 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। साथ ही बीए और एमए के छात्रों को 2000 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। जो छात्र पीएचडी करना चाहते हैं सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमानुसार पैसे दिए जाते हैं।
प्रो. सुमन ने यह आरोप भी लगाया कि एससी एसटी के छात्रों की संख्या मे कमी की गई है। एससी की 150 सीटों पर फैलोशिप के लिए महज 68 छात्रों का चयन हुआ है, इसी तरह एसटी की 75 सीटों पर महज 14 छात्र ही लिए गए हैं। सरकार ने इस योजना का लाभ ओबीसी छात्रों को अब तक नहीं दिया है।