राजधानी देहरादून में एमकेपी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में लगातार पांचवीं बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जीत का परचम फहराया है।
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अध्यक्ष पद पर सपना चौहान और महासचिव पद पर ममता समेत सभी पदों पर परिषद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। रिजल्ट आने के बाद विकास ग्रुप की आपत्ति पर रिकाउंटिंग हुई, लेकिन इससे नतीजों में कोई असर नहीं पड़ा।
एमकेपी कॉलेज में बुधवार को सुबह 10:30 बजे मतदान शुरू हुआ। थोड़ी देर तक तो छात्राओं की भीड़ नजर आई, लेकिन इसके बार बारिश ने मतदान की रफ्तार थाम दी। तय दो बजे तक 2169 छात्राओं में से महज 522 ही वोट डालने आई। कुल मतदान महज 24.30 प्रतिशत रहा।
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शाम साढ़े छह बजे रिजल्ट की घोषणा
दोपहर तीन बजे मतगणना शुरू करने के बाद शाम साढ़े छह बजे कॉलेज प्रशासन ने रिजल्ट की घोषणा की। अध्यक्ष पद पर सपना चौहान, उपाध्यक्ष पद पर साक्षी भट्ट, सचिव पद पर ममता, सहसचिव पद पर अनामिका वर्मा, कोषाध्यक्ष पद पर विधि तिवारी, विवि प्रतिनिधि पद पर आसमां अंसारी ने जीत दर्ज की। सभी प्रत्याशी एबीवीपी के रहे।
सचिव पद पर महज आठ वोटों से हार देखकर विकास ग्रुप की अध्यक्ष पद प्रत्याशी आयुषी थलवाल और महासचिव प्रत्याशी सपना सकलानी ने आपत्ति दर्ज कराई। भारी विरोध के बीच रिकाउंटिंग हुई, लेकिन परिणाम में कोई परिवर्तन नहीं आया। बाद में सभी विजेता छात्राओं को शपथ दिलाई गई।
घटा मतदान
गत वर्षों की तुलना में इस साल एमकेपी में चुनावी रंग फीका नजर आया। इसके पीछे खराब मौसम के अलावा अब तक एमएससी और बीएससी प्रथम वर्ष के दाखिले न हो पाने को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। कॉलेज में गत वर्ष कुल 2000 छात्राओं में से करीब 800 ने वोट डाला था लेकिन इस बार 2169 में से महज 522 वोट ही पड़े।
हारकर भी जीता विकास ग्रुप एमकेपी में विकास ग्रुप ने दूसरी बार प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन सिर्फ दो साल में ग्रुप छात्राओं के बीच अच्छी पैठ बना चुका है। इस बार मुकाबला सीधे एबीवीपी वर्सेज विकास ग्रुप था। कम वोटिंग के चलते विकास ग्रुप की संभावनाएं बेहतर मानी जा रही थीं, जबकि एबीवीपी लगातार चार जीत के बाद इस बार कुछ आशंकित थी। हालांकि, नतीजे सामने आने के बाद एबीवीपी प्रत्याशियों के चेहरे खिल उठे।