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गुरु रामराय समेत 16 मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता खत्म

Sat, 19 Apr 2014 01:14 AM IST
अमर उजाला, श्रीनगर
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि से संबद्ध श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज समेत 16 संस्थानों की संबद्धता गढ़वाल विवि से समाप्त कर राज्य के चिकित्सा शिक्षा विवि से किए जाने का आदेश जारी किया गया है।
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राज्यपाल के इस आदेश से देहरादून स्थित गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज समेत सभी 16 संस्थान परेशान हैं कि कहीं उनकी संबद्धता खतरे में न पड़ जाए।

संबद्धता पर सवाल
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि से स्ववित्त पोषित श्री गुरु रामराय मेडिकल कालेज, सीमा डेंटल कालेज, उत्तरांचल डेंटल मेडिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नारायण स्वामी हास्पिटल एवं डेंटल कॉलेज समेत अन्य 12 पैरामेडिकल संस्थानों की संबद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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27 मार्च 2014 को राज्यपाल के सचिव अरुण कुमार ढौंढियाल की ओर से मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल संस्थानों को दिए आदेश में कहा गया है कि राज्य के चिकित्सा शिक्षा विवि की स्थापना हो जाने पर अब वर्ष 2014-15 से सभी संस्थानों की मान्यता चिकित्सा शिक्षा विवि से ही होगी तथा गढ़वाल विवि से उनकी मान्यता स्वत: ही समाप्त हो जाएगी।
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विवि ने मामले में बोलने से किया इनकार
वहीं गढ़वाल विवि के केंद्रीय विवि बन जाने के बाद केंद्रीय विवि से संबद्ध किसी भी संस्थान की मान्यता एक्ट में परिवर्तन किए बिना हटाई नहीं जा सकती।  

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राज्य के अंतर्गत चल रहे इन संस्थानों के संचालकों को अब राज्यपाल के आदेश ने चिंता में डाल दिया है। कई संस्थानों ने ऐसी स्थिति में गढ़वाल विवि से मार्गदर्शन भी मांगा है। कुलसचिव प्रो.पीएस राणा ने इस मामले में कोई कमेंट न करने की बात कही है।

पूर्व में सचिव ने किया था इंकार
पूर्व में विवि की ओर से केंद्रीय विवि से संबद्ध संस्थानों की मान्यता एफिलिएटिंग विवि से किए जाने का आग्रह पूर्व उच्च शिक्षा सचिव राधा रतूड़ी से किया गया था।

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19 अगस्त 2013 को लिखे गए पत्र में राधा रतूड़ी ने केंद्रीय विवि अधिनियम के एक्ट का हवाला देते हुए कहा है कि इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय को प्रस्ताव दिया जा सकता है, जिस पर एक्ट में परिवर्तन के बिना संबद्धता समाप्त किया जाना मुमकिन नहीं है।
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इसके बावजूद एक्ट में परिवर्तन हुए बिना ही संबद्धता समाप्त किए जाने के आदेश पर सभी आश्चर्य भी जता रहे हैं।
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