लखनऊ विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग की एक शिक्षिका पर छात्र ने खुद का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि शिक्षिका ने अनुसूचित जाति वर्ग के एक छात्र को लगातार तीन वर्षों तक फेल कर उसका उत्पीड़न किया। छात्र की शिकायत पर अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए लविवि कुलपति को किसी अन्य विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग से कॉपी दोबारा जंचवाने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए सात अक्टूबर तक का समय दिया है। शिकायतकर्ता एमबीए के छात्र विपिन कुमार ने चौथे सेमेस्टर की परीक्षा पास कर ली है। उसके 68 प्रतिशत अंक हैं। विपिन ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा भी पास कर ली है।
उसका आरोप है कि संस्थान की शिक्षिका ऋतु नारंग ने जातिगत द्वेष की भावना से ग्रसित होकर मार्केटिंग मैनेजमेंट में उसे लगातार तीन साल से फेल कर रही हैं। सूचना का अधिकार के तहत छात्र ने अपनी कॉपी प्राप्त की।
छात्र ने दावा किया है कि उसको ज्यादा नंबर मिलते लेकिन उसे जान-बूझकर फेल किया गया है। छात्र की इस शिकायत को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान में लेकर इसे गंभीर मामला बताया है।
आयोग के सहायक निदेशक तरुण खन्ना ने बृहस्पतिवार को लविवि कुलपति को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। प्राप्त निर्देशों के मुताबिक विपिन कुमार की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन किसी अन्य विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग से कराया जाए।
साथ ही सात अक्तूबर तक इस पर की गई कार्रवाई के संबंध में अवगत कराने को भी कहा है। लविवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय का कहना है कि अभी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।