लविवि में अब परिसर का माहौल सुधारने के लिए छात्र-छात्राओं के तनाव का स्तर जानकर उनकी काउंसलिंग कराएगा। यह काम विवि के मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से होगा।
जल्द ही इसकी रूपरेखा तैयार कर हॉस्टल्स से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसमें मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों के साथ ही वहां के स्टूडेंट्स को भी शामिल किया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय ने बताया कि छात्रों से बातचीत में इस बात को महसूस किया गया कि वह किसी न किसी वजह से तनाव से जूझ रहे हैं।
इसी तनाव में वे अपना गुस्सा कभी मारपीट तो कभी किसी अन्य तरह से बाहर लाते हैं। यदि उनकी काउंसलिंग होगी तो बहुत सी समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। जब इस बारे में मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों से चर्चा हुई तो सामने आया कि सबसे पहले छात्रों के तनाव के स्तर को जानना होगा।