उत्तर प्रदेश के बिजनौर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी नए नए नजारे देखने को मिल रहे हैं। वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर एक ही परिवार के तीन सदस्य अपना नाम जुड़वाने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
वहां जनता की शिकायतें सुन रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व को 500 रुपये की रिश्वत की पेशकश कर दी। उनके हाथों में रुपये देखकर एडीएम ने जमकर फटकार लगाते हुए स्टाफ से कहकर उनको वहीं बैठा लिया।
बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।