लखनऊ विश्वविद्यालय स्थापना दिवस पर अपने छात्रों से विश्वविद्यालय की मदद करने और धरोहर बचाने की गुहार लगाएगा। 25 नवंबर को स्थापना दिवस पर हर वर्ष विवि पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन करता है।
इस बार छात्र समिति की ओर से नौ विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक और कुलपति प्रो. एसबी निमसे के साथ ही पूर्व छात्र समिति के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे।
25 नवंबर, 1920 को लखनऊ विवि की स्थापना हुई। इसे विवि पूर्व छात्र सम्मेलन के रूप में मनाता है। पिछले कई वर्षों से पूर्व छात्र समिति विवि और स्टूडेंट्स की मदद के दावे तो करती है लेकिन इस दिशा में अब तक कोई शुरुआत नहीं हुई।
मंगलवार को होने वाले स्थापना दिवस पर एक बार फिर विवि प्रशासन अपने पूर्व छात्रों से विवि की मदद की गुहार लगाएगा।
लाल बारादरी को संभाल नहीं पा रहा एलयू
बजट के अभाव में विवि अपने परिसर स्थित पुरातत्व महत्व वाली लाल बारादरी का रखरखाव तक नहीं कर पा रहा है।
ऐसे में स्थापना दिवस में विवि प्रशासन अपने पूर्व छात्रों से सहयोग की मांग भी करेगा। इसी तरह बीते तीन वर्ष से पूर्व छात्र समिति की ओर से स्टूडेंट्स के लिए कैम्पस प्लेसमेंट सेल बनाने का दावा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। स्थापना दिवस के मौके पर लविवि प्रशासन इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाएगा।
ये शख्सियतें होंगी सम्मानित
इस स्थापना दिवस पर जो शख्सियतें सम्मानित होंगी वो सभी अपने समय में एलयू से जुड़े रहने हैं। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है।
इस मौके जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह, विजयलक्ष्मी जोशी, सुभाष जोशी, राजेंद्र तिवारी, प्रो. खान मसूद अहमद, नरेंद्र कुमार वर्मा, धर्मेंद्र जय नारायण, डॉ. सईद वजिह अहमद नकवी और रचना गोविल को सम्मानित किया जाएगा।