उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय ने पीएचडी की फीस 50 प्रतिशत कम कर दी है। परीक्षा समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। पीएचडी करने वालों को अब तिमाही 2100 की बजाय 1050 रुपए की फीस चुकानी होगी।
कुलपति प्रोफेसर महावीर अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में पहले से स्नातक उपाधि प्राप्त कर चुके युवाओं को प्राइवेट रूप में एकल विषय में पंजीकरण की अनुमति देने का भी फैसला किया गया।
इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत की पढ़ाई न करने वालों को शास्त्री उपाधि में प्रवेश देने का फैसला भी किया गया। इस बारे में नियमों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है।
परीक्षाएं दिसंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होंगी और इन्हें 27 दिसंबर तक संपन्न कर लिया जाएगा। यह भी तय किया गया कि हर सेमेस्टर में एक या किसी एक सेमेस्टर में अधिकतम दो प्रश्नपत्रों की परीक्षा दोबारा दी जा सकेगी।