प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के जॉब पोर्टल के लिए अभी कुछ माह और इंतजार करना पड़ेगा। आचार संहिता लागू होने की वजह से अब इसकी लॉन्चिंग चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही होगी।
अधिकारियों की मानें तो पोर्टल लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। बस इसका ट्रायल होना बाकी है। यह ट्रायल रोजगार मेला लगाकर करने की योजना बनाई जा रही है।
लेकिन यह कब होगा फिलहाल इस पर अधिकारी कुछ नहीं कह रहे। अक्तूबर-नवंबर, 2013 में ही इस पोर्टल को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन किसी न किसी कमी के चलते इसकी लॉन्चिंग टलती रही।
प्रदेश के विभिन्न सेवायोजन कार्यालयों में इस समय लगभग 70 लाख पंजीकरण हैं। इनमें से लखनऊ में पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या लगभग सवा दो लाख है। पोर्टल शुरू होने से इन सभी के सामने नौकरियों के अवसर खुलेंगे।
बताना होगा किस नौकरी में है रुझान
पोर्टल से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल में ऐसी व्यवस्था है कि ऑनलाइन पंजीकरण करते समय अभ्यर्थी को यह बताना होगा कि वह किस क्षेत्र में और किस तरह की नौकरी करना चाहता है।
जब कोई कम्पनी सेवायोजन विभाग से अपने यहां भर्ती के लिए अभ्यर्थी मांगेगी तो विभाग डाटा में से इसी आधार पर उस पद से मैच करते हुए अभ्यर्थियों की सूची देगा।
इसके बाद उनका साक्षात्कार कराया जाएगा। इसमें पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश के किसी निवास स्थान का पता देना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद देश भर से कम्पनियां इसे देख सकेंगी।
इससे विभाग के पास संपर्क करने वाली कम्पनियों की संख्या बढ़ेगी जिससे अधिक नौकरियां आएंगी। इसका एक अन्य बड़ा फायदा ये है कि जिन लोगों के निवास के आसपास सेवायोजन कार्यालय नहीं है उनको परेशान नहीं होना पड़ेगा।
वह कहीं से भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। पोर्टल शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को सभी रोजगार मेलों व साक्षात्कार की जानकारी ईमेल और एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी।
ऐसे में अगर कोई कम्पनी दो दिन पहले भी साक्षात्कार के लिए सूचना देती है तो उपयुक्त अभ्यर्थियों तक उसकी जानकारी पहुंचाने में समस्या नहीं आएगी। पोर्टल शुरू होने के बाद इसके प्रचार के लिए कैम्पेन चलाए जाने की भी योजना है।