देश के 16 आईआईटी और एक आईएसएम धनबाद में प्रवेश के लिए आयोजित हुए जेईई एडवांस 2014 में सफल होने वाले छात्रों में ज्यादा संख्या उनकी है, जो पहली बार इस परीक्षा में शामिल हुए थे।
कई सालों से चला आ रहा यही ट्रेंड
ड्रॉपआउट कर एक साल तक तैयारी करने वाले छात्रों का सफलता का ग्राफ कम है। आईआईटी की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। पिछले कई सालों से यही ट्रेंड चला आ रहा है।
इस साल दाखिला पाने वाले छात्रों में 6725 यानी 68.65 प्रतिशत ऐसे थे जिन्हें पहली बार में सफलता मिली जबकि 3070 यानी 31.35 प्रतिशत ऐसे थे जिन्हें दूसरी बार परीक्षा देने के बाद सफलता मिली है।
अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा का कहना है कि फर्स्ट अटेम्प्ट वाले छात्रों की संख्या इसलिए ज्यादा होती है क्योंकि 12वीं के बाद उनकी निरंतरता बनी हुई होती है। अचीवर्स क्लासेज के सीईओ मनु पंत के मुताबिक फर्स्ट अटेम्प्ट वाले छात्रों का कांफिडेंस ज्यादा होता है।
बीते वर्षों पर एक नजर
वर्ष - फर्स्ट अटेम्प्ट - सेकेंड अटेम्प्ट
2001 - 67 - 22.1
2002 - 66.7 - 22.6
2003 - 64.9 - 21.7
2004 - 65.4 - 23.7
2005 - 67 - 23
2006 - 71.4 - 17.2
2007 - 79.9 - 20
2008 - 82.4 - 17.6
2009 - 84.5 - 15.4
2011 - 80.2 - 19.7
2012 - 82.1 - 17.7
2013 - 69.6 - 27.2