एक या दो साल का कोर्स कर उद्योगों में रोजगार की राह तलाशने वाले युवाओं के लिए अब इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) से कोर्स करना आसान नहीं रहा।
देशभर के आईटीआई को संचालित करने वाली नेशनल काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग ने आईटीआई के पैटर्न में बड़े फेरबदल किए हैं। अब से छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की मार भी झेलनी होगी।
हुए यह बदलाव
कल तक 70 प्रतिशत अंक लाने वाले आईटीआई छात्र नए पैटर्न की वजह से मुश्किलों से घिरे हैं। आईटीआई ने उत्तर पुस्तिका पर होने वाली वार्षिक परीक्षा को दिसंबर से ओएमआर शीट और सेमेस्टर में बदल दिया है।
होगी निगेटिव मार्किंग
दो साल के कोर्स में चार परीक्षाएं और एक साल के कोर्स में दो बार परीक्षा से गुजरना होगा। यही नहीं, ओएमआर शीट में चार गलत जवाब वाले गोलों को भर देने पर एक अंक काट लिया जाएगा।
इस फेरबदल से छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि राज्य में हर साल करीब पांच हजार छात्र आईटीआई में दाखिला लेते हैं।