दिल्ली विश्वविद्यालय में एफवाईयूपी समाप्त होने के बाद अब दूसरे विश्वविद्यालय के छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। वर्ष 2014-15 से तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के लागू होने के साथ ही यह सुविधा छात्रों को इसी सत्र से मिलेगी।
फिलहाल केवल बीए व बीकॉम में पढ़ने वाले छात्र ही इसका फायदा उठा सकेंगे। वहीं, कॉलेज स्तर पर होने वाले माइग्रेशन पहले की तरह ही होंगे।
डीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार, एकेडमिक रामदत्त की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर माइग्रेशन व दोबारा दाखिले के बारे में 27 जुलाई 2012 के नोटिफिकेशन को लागू करने की बात कही गई है।
इस तरह से दूसरे विवि के जो छात्र डीयू में बीए व बीकॉम में पढ़ाई करना चाहते हैं वह यहां दाखिला लेकर पढ़ाई कर सकते हैं। उन्हें तीसरे सेमेस्टर (दूसरे साल) से दाखिला मिलेगा। हालांकि इस प्रक्रिया से दाखिला लेने के लिए उन्हें अपने बीते दो सेमेस्टर के सभी विषयों के पेपरों में पास होना जरूरी है।
मालूम हो कि एफवाईयूपी लागू होने पर इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था। इस तरह से यह एक बार फिर से लागू होने जा रही है। कॉलेज स्तर पर माइग्रेशन का लाभ पहले की तरह ही मिलेगा।
इस सुविधा का लाभ आगामी 31 अगस्त 2014 तक ही संभव हो पाएगा। मालूम हो कि डीयू ने एफवाईयूपी में फेल हुए छात्रों को भी नए सिरे से दाखिला देने की सुविधा दी है।
इस सुविधा का लाभ पहले व दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा देने से चुके छात्र भी ले सकते हैं। जिसके लिए उन्हें पहले कॉलेज को आवेदन करना होगा। कॉलेज की अनुमति पर ही कॉलेज में उनका दाखिला होगा।