प्रदेश विश्वविद्यालय ने नई फीस दरें लागू कर पुराने ईयर सिस्टम में यूजी डिग्री कर रहे छात्रों को गोल्डन, डिग्री पूरी कर चुके छात्रों को हजारों की फीस पर डिग्री इंप्रूवमेंट का चांस दिया है। इसकी परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा के बाद इन छात्रों के मामलों को सेटल करने और समय से परिणाम घोषित करने में एचपीयू के पसीने छूटना तय है।
यह इन परीक्षाओं में बैठने वाले हजारों छात्रों की परेशानी का कारण बनेगा। बार-बार परीक्षा फार्म भरने की तिथियां बढ़ाई गईं। विशेष चांस का लाभ उठाने को छात्रों ने बढ़ी हजारों की फीस देकर फार्म भरे। अब परीक्षाएं दे रहे हैं। परीक्षा के दो दिन पहले तक फार्म जमा हुए। ऐसे में छात्रों को बिना रोलनंबर सिर्फ आईकार्ड और फीस जमा करने की रसीद दिखाकर परीक्षा में बैठने की छूट दी गई।
देरी से आए परीक्षा फार्म के ढेर विवि की शाखाओं में पड़े हैं। इनकी कब छंटनी होगी, कब छात्रों के रोलनंबर जारी होंगे। इन तमाम मामलों को सेटल करना परीक्षा शाखा में चल रही सैकड़ों कर्मचारियों की कमी के साथ मुश्किल होगा। हजारों की फीस चुकाने के बाद छात्रों को समय से शायद ही परीक्षा परिणाम मिल पाए। विश्वविद्यालय की इस कमाई बढ़ाने की इस मुहिम में छात्रों का परेशान होना तय है।