अब हर छात्र और कर्मचारी का रिकॉर्ड एक क्लिक में उपलब्ध होगा। प्रदेश विश्वविद्यालय की हर शाखा, हर विभाग और हर कार्यालय अब डब्ल्यूईयूएमएस (वेब अनएबल्ड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम) में कंप्यूटराइज्ड होगा। छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर और नाम एंटर करते ही उसका विभाग, छात्रावास सहित हर तरह का ब्योरा मिल जाएगा। श्
विवि को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 3.69 करोड़ के प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद सरकार के आदेशों पर उच्च शिक्षा विभाग, सरकार के डीआईटी, एनआईसी विभाग और विवि के यूआईआईटी, कंप्यूटर साइंस जैसे विभागों से विशेषज्ञों की कमेटी ने प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनाई है।
विशेषज्ञों ने हर विभाग, ब्रांच, कुलपति, कुलसचिव, सीओई कार्यालय और परीक्षा शाखा के कार्यों तथा जरूरत के हिसाब से प्रारूप बनाया है। इसके बाद विवि में इस कार्य के लिए गठित विशेष कमेटी ने ईओटी (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रस्ट) की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
डब्ल्यूईयूएम सिस्टम में यह होगा
एचपीयू के डब्ल्यूईयूएमएस प्रोजेक्ट में विवि का ई-गवर्नेंस होगा। इसमें परीक्षा, प्रशासनिक कार्य, एचआर, वित्त, प्रशासनिक सिस्टम, हॉस्टल मैनेजमेंट, स्टूडेंट डाटा आदि का रिकॉर्ड वेब अनएबल्ड होगा, जो एक-दूसरे कार्यालय विभागों के साथ जुड़ा होगा।
कंपनियां जल्द देंगी प्रेजेंटेशन: मुकेश
एचपीयू के कंप्यूटर सेंटर इंचार्ज और इस प्रोजेक्ट के समन्वयक मुकेश कुमार ने कहा कि ईओआई की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अगले पंद्रह दिन में इस तरह के कार्य करने वाली एक्सपर्ट कंपनियां प्रेजेंटेशन देंगी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया होगी।
दिसंबर 2013 में मंजूर हुआ प्रोजेक्ट
सात दिसंबर को विवि के डीन प्लानिंग प्रो. पीके आहलुवालिया और उनकी टीम के तैयार किए गए डब्ल्यूईयूएमएस प्रोजेक्ट की डीपीआर को सरकार ने मंजूर किया था। 3.69 करोड़ के प्रोजेक्ट में 30 मार्च 2014 में इसके लिए 50 लाख की राशि जारी हुई थी।