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एक क्लिक में जानिए एचपीयू ईसी के ये अहम फैसले?

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद ने मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। छात्रों के प्रदर्शन के चलते फीस वृद्घि पर कोई फैसला नहीं लिया गया जो छात्रों के लिए राहत की बात है।
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कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि विश्वविद्यालय की कमजोर आर्थिक स्थिति और परिसर में जरूरी सुविधाओं की कमी को देखते हुए विवि के विभाग सरकारी और निजी सहभागिता माडल से चलाए जाएंगे।

ईसी ने स्वयं वित्त पोषित पाठ्यक्रमों को निजी शैक्षणिक संस्थानों में लागू करने को भी मंजूरी दे दी। कार्यकारी परिषद ने हिमाचल में बाहरी राज्यों के चलाए जा रहे अध्ययन केंद्रों को रद्द करने की सिफारिश राज्य सरकार से की है। इनकी जगह विश्वविद्यालय अपने अध्ययन केंद्र खोलेगा।
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पीएचडी छात्रों को दी गई बड़ी राहत

कार्यकारी परिषद ने कालेज शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग और पीएचडी करने वाले छात्रों को पेश आ रही गाइड की कमी को दूर करने के लिए कॉलेज प्राध्यापकों को सशर्त गाइड बनाए जाने की अनुमति दे दी।

शर्त ये होगी कि वही प्राध्यापक गाइड बन पाएंगे, जो यूजीसी की सभी शैक्षणिक शर्तों को पूरा करते हों। यूनिवर्सिटी ने पहले भी ये फैसला लिया था लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका।

अब यदि जल्द ही यूनिवर्सिटी इसे लागू करती है तो इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को पीएचडी करने में आसानी होगी। उन्हें दूसरे राज्यों में जाकर पीएचडी नहीं करनी पड़ेगी।

नए कोर्स शुरू करने को भी मिली मंजूरी

विवि के स्वर्ण दृष्टि 2020 में शामिल नए कोर्स और पाठ्यक्रमों को शुरू करने और इक्डोल के प्रदेश भर में केंद्र चलाए जाने को भी मंजूरी दी गई। ईसी ने कनाडा के फ्रै जर वैली विश्वविद्यालय के साथ शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी।

कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि यूजी फाइनल ईयर के परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि छात्रों को विवि और प्रदेश के बाहर के विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने में दिक्कत पेश न आए।

बैठक में सदस्य बंबर ठाकुर, चंद्रशेखर, हरीश जनार्था के अलावा प्रो. डीसी गौतम, प्रो. एससी भडवाल, डॉ. एसके शर्मा, कुल सचिव प्रो. मोहन झारटा और चौधरी वरयाम सिंह बैंस आदि उपस्थित रहे।

शिक्षकों को राजनीति से रोकने को बनेगी समिति

कार्यकारी परिषद ने विवि के प्राध्यापकों को सक्रिय राजनीति में जाने से रोकने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया। इस मसले पर लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में तय हुआ कि इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को विवि अध्यादेश में संशोधन किया जाए।

इसके लिए एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। समिति इस प्रस्ताव को तैयार करेगी। वर्तमान में विवि के शिक्षक बिना इस्तीफा दिए चुनाव लड़ सकते हैं।

यदि ईसी का यह फैसला लागू होता है तो कोई भी शिक्षक अब चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
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ईसी बैठक से पहले हुआ था हंगामा, लाठीचार्ज

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मंजूरी की मुहर लगाने के लिए मंगलवार को आयोजित विवि कार्यकारी परिषद की बैठक से पूर्व परिसर में जमकर हंगामा हुआ। पूर्व एससीए और एसएफआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने काले झंडों और सिर पर काली पट्टियों को बांधकर फीस बढ़ोतरी का विरोध किया।

कार्यकर्ता मांग पत्र देने को लेकर वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी की गाड़ी के आगे लेट गए जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को खदेड़ने के लिए लाठियां बरसा दी। छात्रों के विरोध को देख वीसी को उसी रास्ते से वापस लौटना पड़ा।

वीसी उसके बाद विवि फेकल्टी हाउस से होकर अपने दफ्तर तक पहुंचे। बावजूद इसके छात्र वहीं डटे रहे। पूर्व एससीए का आरोप है कि मांग पत्र सौंपने को खड़े छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं, जिसमें छात्राएं भी चपेट में आई हैं।
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