लोकसभा चुनाव में करारी हार के बावजूद कांग्रेस शासित राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन में पार्टी हाईकमान को दिक्कतें हो रही हैं। मगर हाईकमान दस से 12 राज्यों की प्रदेश कांग्रेस इकाइयों के अध्यक्षों को जल्द बदलने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, झारखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई प्रदेश कांग्रेस इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर नहीं बदले जाएंगे। पार्टी उन्हें एक और मौका देना चाहती है। तंवर को लोकसभा चुनाव से पहले ही हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था।
कुर्सी बचाने के लिए नेता लगा रहे हैं जोर
प्रदेश अध्यक्षों को बदलने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में फेरबदल किया जाएगा। राज्य और केंद्रीय स्तर पर होने वाले फेरबदल से पहले कांग्रेस के अंदर युवा बनाम बुजुर्ग की बहस चल रही है। कई सीनियर कांग्रेस नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।
जनार्दन द्विवेदी, अहमद पटेल, मोहन प्रकाश, मोतीलाल वोरा, सीपी जोशी, अंबिका सोनी, दिग्विजय सिंह जैसे कई सीनियर नेता केंद्रीय संगठन में बड़े पद पर हैं। वहीं दीपेंद्र हुड्डा, संदीप दीक्षित, जितेंद्र सिंह, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई युवा नेता भी केंद्रीय संगठन में आने की कोशिश कर रहे हैं।
युवा ब्रिगेड को लाना चाहते हैं राहुल
कांग्रेस के अंदर चर्चा है कि लोकसभा चुनाव में सिर्फ 44 सीटें जीतने के बाद राहुल गांधी भी एक झटके में सीनियर नेताओं को किनारे करने से परहेज करेंगे।
साथ ही राहुल गांधी की युवा बिग्रेड के ज्यादातर सदस्यों के हारने के बाद उनको संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देना भी राहुल के लिए मुश्किल होगा।