सीबीएसई के 10वीं के होम एग्जाम को हल्के में लेने की गलती भारी पड़ सकती है। अगर छात्र ने ग्रेडिंग के तहत परीक्षा में 25 प्रतिशत अंक हासिल न किए तो उसका साल भी बरबाद हो सकता है। एक साल पहले सीबीएसई ने यह बदलाव किया था। इससे पहले तक 10वीं में ग्रेडिंग के कारण देशभर में छात्रों में पढ़ाई के प्रति लापरवाही सामने आई थी।
दो साल पहले नौवीं में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने यह फार्मूला लागू किया। इसके बाद एक साल पहले 10वीं में भी कर दिया गया। जो छात्र सीबीएसई के होम पैटर्न पर 10वीं की परीक्षा देंगे, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा। लेकिन, छात्रों को यह भूल कतई नहीं करनी चाहिए कि वह ऐसे ही पास हो जाएंगे।
उसे समेटिव असेसमेंट-1 और समेटिव असेसमेंट-2 में पास होने के लिए अलग-अलग 25 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। अगर छात्र इतने अंक नहीं ला पाता तो वह फेल माना जाएगा।