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डीयू में एडमिशन चाहने वाले जरूर पढ़ें ये खबर

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डीयू में दाखिला प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू होगी। कॉलेज 30 जून तक कटऑफ तैयार कर डीयू प्रशासन को सौंपेंगे। इसके आधार पर एक जुलाई को पहली लिस्ट जारी होगी।
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उसी दिन से दाखिले शुरू हो जाएंगे। डीयू कुलपति की ओर से गठित 12 सदस्यीय कॉलेज प्रिंसिपल की पहली बैठक शनिवार को हुई। करीब छह घंटे तक चली बैठक में तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए शेड्यूल को फाइनल किया गया।

इस साल एडमिशन सत्र 2012-13 में हुए दाखिलों के आधार पर ही होंगे। वर्ष 2012-13 के आधार पर एलिजबिलिटी क्राइटेरिया को निर्धारित कर सोमवार तक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
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अब 10 नहीं आठ ही होंगी कटऑफ

प्रक्रिया में देरी होने के कारण अब आठ कटऑफ जारी होंगी। हालांकि, उनका शेड्यूल बीते शेड्यूल की तरह ही होगा। यानी जिस तारीख को तीसरी लिस्ट आनी थी, उसकी जगह अब पहली कटऑफ आएगी।

अब पहली कटऑफ एक जुलाई को और आठवीं व आखिरी लिस्ट 21 जुलाई को जारी होगी। समिति ने सिफारिश की है कि इसके लिए कॉलेज सोमवार तक अपना क्राइटेरिया तय कर वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लगाएं, जिससे कि छात्रों को नियमों की जानकारी हो। अब नई व्यवस्था में दाखिले के लिए 10 के बजाय आठ ही कटऑफ लिस्ट आएंगी।

चूकने वालों को भी मिलेगा मौका

चार वर्षीय पाठ्यक्रम के विवाद के बाद जो छात्र आवेदन करने से चूक गए हैं या तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला चाहते हैं, अब वह भी दाखिले ले सकेंगे। अगर किसी कॉलेज की कटऑफ में वह आ रहे हैं तो वह उस कॉलेज में जाकर दाखिला ले सकेंगे।

दाखिलों के लिए 12 प्रिंसिपलों की बनी कमेटी की सदस्य ने बताया कि सत्र 2012-13 में जिस तरह से दाखिले हुए थे, उन्हीं नियमों को आधार बनाया गया है, लिहाजा कॉलेज अपने-अपने एडिशनल एलिजबिलिटी क्राइटेरिया को लेकर आएंगे। इस तरह से अब कॉलेज अलग-अलग कोर्स के हिसाब से अंग्रेजी, गणित और अन्य विषयों को लेकर अपने अतिरिक्त नियम लागू कर पाएंगे।
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बीए, बीकॉम, बीएससी की वापसी

तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के आने से बीए, बीकॉम और बीएससी कोर्स की वापसी हुई है। सत्र 2012-13 में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की तरह ही कोर्स होंगे और उनकी सीटों की संख्या भी पुरानी होगी। इस तरह से एफवाईयूपी आने के बाद जिन कॉलेजों में कुछ कोर्स बंद हुए थे, वह फिर से शुरू हो जाएंगे और नए कोर्स बंद हो जाएंगे। इससे सीटों की संख्या में भी बदलाव होगा।

एफवाईयूपी के तहत बीटेक पाठ्यक्रम और बैचलर विद मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) की 840 सीटों पर अंतिम फैसला यूजीसी की ओर से गठित दस सदस्यों वाली स्थायी समिति पर छोड़ दिया गया है। प्रिंसिपलों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में जो प्रस्ताव दिया है, उसके मुताबिक यूजीसी की स्थायी समिति ही तय करेगी कि इन दोनों ही विषयों का हल क्या होगा और कोर्स को लेकर क्या प्रक्रिया रहेगी।
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