पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन ने सत्र-2015 से फीस बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। रविवार को सिंडीकेट ने पीयू कैंपस और रीजनल सेंटर में चल रहे सभी कोर्स की फीस में पांच फीसदी इजाफे के प्रस्ताव को पारित कर दिया।
हालांकि, छात्र संगठनों के कड़े विरोध को देखते हुए बढ़ाई गई फीस की अधिकतम सीमा 1500 में कुछ कटौती की गई है। अब पांच फीसदी बढ़ोतरी के बाद प्रत्येक स्टूडेंट की फीस में 500 से 1200 रुपये तक का इजाफा होगा। सीनेट की मुहर लगने के बाद यह बढ़ोतरी लागू की जाएगी। उधर, सिंडीकेट ने 10 रिसर्च स्कॉलर को पीएचडी डिग्री अवार्ड दिए जाने को भी मंजूरी दे दी है।
लागू होगी इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पॉलिसी
पीयू साइंटिस्ट की रिसर्च और प्रोफेसर द्वारा तैयार स्टडी मैटीरियल का उपयोग करने के लिए बाहरी कंपनी या पब्लिसर्स को अनुमति लेनी होगी। सिंडीकेट में पीयू इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी गई है और अंतिम फैसला लेने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। गौरतलब है कि पीयू के विभिन्न साइंटिस्ट के नाम अभी तक 17 पेटेंट हैं।
डॉमेस्टिक वायलेंस पेपर भी होगा शामिल
सिंडीकेट ने अगले सत्र से इनवायर्नमेंट एजुकेशन, रोड सेफ्टी के बाद अंडर ग्रेजुएट स्तर पर डॉमेस्टिक वायलेंस का कंपलसरी पेपर शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
पेपर को अंतिम रूप देने के लिए पीयू कुलपति ने कमेटी का गठन किया है। सिंडीकेट सदस्यों ने तीनों विषयों के लिए एक कॉमन पेपर तैयार करने का सुझाव दिया है। कमेटी इस मामले में जल्द रिपोर्ट देगी।
छात्र नेताओं ने किया विरोध
सिंडीकेट की बैठक प्रशासनिक ब्लॉक में सुबह 11 बजे हुई। बैठक से पहले पीयू स्टूडेंट काउंसिल और एनएसयूआई छात्र नेता ने फीस बढ़ोतरी के विरोध में पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर, रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा और अन्य सिंडीकेट सदस्यों को फीस नहीं बढ़ाने का मांग पत्र दिया।
उधर, सिंडीकेट बैठक में फीस बढ़ोतरी के फैसले के बाद देर शाम छात्र नेताओं ने सोमवार से पीयू में विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है। छात्र काउंसिल प्रधान दिव्यांशु ने कहा कि किसी भी हालत में फीस बढ़ोतरी मंजूरी नहीं की जाएगी।