पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने अगले सत्र से एफिलिएटेड कालेजों की फीस में 5 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। पीयू कैंपस के बाद अब कालेज विद्यार्थियों पर भी बढ़ी फीस की मार पड़ेगी।
6 फरवरी को सिंडीकेट बैठक ने पीयू कैंपस में फीस बढ़ाने पर मुहर लगाई है। कालेजों की फीस बढ़ोतरी को लेकर मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में अहम बैठक हुई। पीयू डीयूआई प्रो.एके भंडारी, रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा की अगुवाई में हुई बैठक में कालेजों की फीस में कम से कम 5 फीसद वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया।
सूत्रों के अनुसार फीस बढ़ोतरी पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। आखिर में पीयू की तर्ज पर ही कालेजों में भी 500 से 1200 रुपये तक फीस बढ़ाने पर कमेटी ने फैसला ले लिया।
यह प्रस्ताव अब आगामी 27 फरवरी को होने वाली सिंडीकेट बैठक में रखा जाएगा। जुलाई 2016 से नए सत्र से बढ़ी फीस को लागू कर दिया जाएगा।
फीस बढ़ोतरी का छात्र संगठनों ने किया विरोध
पीयू सिंडीकेट द्वरा फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ कैंपस में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। मंगलवार स्टूडेंट फॉर सोसाइटी(एसएफएस) छात्र नेताओं ने पीयू स्टूडेंट सेंटर पर पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। छात्राओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
छात्र नेता रविंदर सिंह ने कहा कि पीयू प्रशासन द्वारा फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। उधर, स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) ने फैसले को वापस लेने के लिए ज्ञापन दिया। सोई छात्र नेता विक्की मिड्डूखेड़ा ने कहा कि सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस पहले ही लाखों रुपये है। फीस बढ़ोतरी से गरीब छात्रों के लिए पढ़ाई करना और भी मुश्किल हो जाएगा।