दाखिला संकट से निपटने के लिए देहरादून में शुरू की गई ईवनिंग क्लासेज ही संकट में फंस गई है। सरकारी महाविद्यालयों में तो शिक्षकों की अस्थाई नियुक्तियां कर दी गई हैं, लेकिन अशासकीय महाविद्यालयों में नियुक्ति का मामला अटक गया है।
ईवनिंग क्लासेज के लिए पूरे हो चुके हैं दाखिले
जबकि, डीबीएस सहित प्रदेश के कई अशासकीय महाविद्यालयों में ईवनिंग क्लासेज में दाखिले भी हो चुके हैं। सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने किया है। लेकिन अशासकीय महाविद्यालयों से संबंधित एक्ट के मुताबिक चयन समिति का अध्यक्ष प्रबंधन का पदाधिकारी होता है।
ऐसे में डीएम की अध्यक्षता में चयन नहीं हो सकता है। इसका प्रस्ताव भी अशासकीय कॉलेजों ने शासन को भेज दिया है। स्थिति यह है कि अभी तक अशासकीय कॉलेजों को ईवनिंग क्लासेज के लिए फंड भी नहीं मिला है।
ईवनिंग क्लासेज के लिए शासन से दिशा निर्देश मांगे गए थे। अभी तक शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। सरकार से अभी तक कोई बजट भी नहीं मिला है।
- डॉ. ओपी कुलश्रेष्ठ, प्राचार्य, डीबीएस कॉलेज
अशासकीय महाविद्यालयों के बारे में एक्ट में दी गई व्यवस्था के तहत नियुक्ति का अधिकार प्रबंधतंत्र को है। जो व्यवस्था की गई है, वह एक्ट के विपरीत है। इसके लिए शासन और उच्च शिक्षा निदेशालय को जानकारी दी गई है।
- डॉ. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज