डीएवी में सांध्यकालीन कक्षा में दाखिले को लेकर टावर पर चढ़े छात्रनेता सीएम हरीश रावत से आश्वासन मिलने के बाद नीचे उतर आए।
डीएवी में सांध्यकालीन कक्षा में दाखिला न होने को लेकर एनएसयूआई छात्र नेता मोहन भंडारी, एबीवीपी के सिद्धार्थ राणा, देवेंद्र बिष्ट के साथ आर्यन ग्रुप के आकाश गौड़, सूरज कोहली टावर पर चढ़ गए थे।
छात्र नेता सिद्घार्थ राणा ने शाम चार बजे प्राचार्य द्वारा इस्तीफा न दिए जाने पर टावर से कूदने की धमकी दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इन छात्र नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था।
इससे पहले हरीश रावत ने मीडिया से कहा कि आत्महत्या की धमकी देकर डराने की ऐसी प्रवृत्ति को शय नहीं दी जाएगी।
पेट्रोल लेकर टावर पर चढ़ा मोहन भंडारी
टावर पर चढ़े एनएसयूआई छात्र नेता को समझाने के बहाने आर्यन के दो छात्र नेता टावर भी पर चढ़े। इस दौरान पुलिस वहां मौजूद थी। इसके बाद एबीवीपी के छात्र नेता भी सर्वे चौक स्थित टावर पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही करनपुर में अफरातफरी मच गई। एनएसयूआई नेता मोहन भंडारी पेट्रोल लेकर टावर पर चढ़ा है।
बता दें कि इससे पहले मोहन भंडारी सांध्यकालीन कक्षा को लेकर भूख हड़ताल कर चुके हैं। मोहन के टावर पर चढ़ने की सूचना से सभी छात्र सकते में हैं।
डीएवी पीजी कॉलेज में वरीयता सूची (मेरिट लिस्ट) जारी होने के बावजूद सांध्यकालीन कक्षाओं (ईवनिंग क्लासेज) में दाखिले न होने पर छात्र संगठन भड़के हुए हैं। विरोध जताते हुए मंगलवार को भी छात्रों ने डीएवी कॉलेज बंद करा दिया था।
मामले की संवेदनशीलता देखते हुए देवेंद्र भसीन ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले। मुख्यमंत्री रावत ने कॉलेज प्रबंधन को बात करने के लिए बुलाया है। घटना के मद्देनजर दून अस्पताल से एक डॉक्टर समेत चार सदस्यों की टीम मौके पर पहुंच गई है।
टावर पर चढ़े छात्रों की मांग
- सांध्यकालीन कक्षाओं में 3815 सेटों पर दाखिले हों।
- शिक्षकों के रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति हो।
- मेरिट के बजाए कट ऑफ के आधार पर दाखिले हों।
- टाइम टेबल दोहपर दो बजे से शुरू करने की मांग।
प्राचार्य से छात्रों की तीखी नोकझोंक
सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और आर्यन संगठन के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में तालाबंदी कर दी। इस दौरान प्राचार्य से छात्रों की तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, सेमेस्टर और एलएलबी की परीक्षाएं छात्रों ने होने दी। बाद में प्राचार्य ने प्रबंधन, शासन और उच्च शिक्षा निदेशालय को पत्र भेज दिया।
डीएवी कॉलेज में सोमवार को कॉलेज खुलते ही वरीयता सूची में चयनित छात्र दाखिले लेने पहुंच गए। लेकिन शिक्षकों ने सांध्यकालीन कक्षाओं में दाखिले देने से इनकार कर दिया। जानकारी मिलते ही भाराछासं के विनीत प्रसाद भट्ट, आर्यन के जगबीर असवाल और अन्य छात्रनेता प्राचार्य कार्यालय पहुंच गए।
छात्रों की प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन से तीखी बहस भी हुई। बात नहीं बनी तो छात्रों ने प्राचार्य को कार्यालय से बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी। सभी विभागों को भी बंद करा दिया गया। चेतावनी दी कि सांध्यकालीन कक्षाओं में प्रवेश शुरू होने तक कालेज नहीं खुलने दिया जाएगा। इस दौरान पूर्व महासचिव भगवती प्रसाद, सतीश मोहन पंत, महेंद्र पाल माही, मोहन भंडारी आदि शामिल रहे।
प्रमुख सचिव बोले, होगी तलबी
सांध्यकालीन कक्षाओं में अध्यापकों की व्यवस्था न होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता और छात्रसंघ अध्यक्ष पारस गोयल सचिवालय में प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) आरके सुधांशु से मिले।
कहा कि प्रवेश न होने से हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि इस बाबत वह जल्द ही महाविद्यालय प्रबंधन को तलबी (नोटिस) जारी करेंगे।
मैंने शासन और प्रबंधन को पत्र भेज दिया है। महाविद्यालय में शिक्षक ही नहीं हैं, अध्यापन कैसे होगा? पत्र में साफ बता दिया है कि छात्र भटक रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाएं पूरी नहीं है। ऐसे में हम दाखिला करने में फिलहाल असमर्थ हैं।
- डॉ. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी महाविद्यालय