उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के दूसरे प्रदेशों में होने वाले पलायन को रोकने के लिए प्रदेश के स्ववित्त पोषित इंजीनियरिंग संस्थानों ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया।
यूपी टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशंस (यूपीटिफ) की बैठक में फाउंडेशन की ओर से अगले सत्र में खुद प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग के जरिए इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सेज में सीटों को भरने का निर्णय लिया गया।
साथ ही बैठक में यूपीटीयू की काउंसलिंग में होने वाली देरी, समय से फीस प्रतिपूर्ति न होने सहित कई समस्याओं पर चिंता जताई गई।
यूपीटिफ की बैठक में गाजियाबाद, बरेली, मेरठ, नोएडा, मथुरा, आगरा, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा सहित विभिन्न जिलों के संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में लिए निर्णय की जानकारी देते हुए यूपीटिफ के महासचिव डॉ. अतुल जैन ने कहा कि बैठक में प्रदेश के छात्रों का दूसरे राज्यों में पलायन रोकने, समाज कल्याण विभाग से फीस प्रतिपूर्ति में देरी, आगामी सत्र में दाखिला प्रक्रिया को सुगम बनाने व काउंसलिंग प्रक्रिया में सुधारों पर चर्चा के बाद कई निर्णय लिए गए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के छात्रों और अभिभावकों को कठिनाई से बचाने और प्रदेश में ही पढ़ाई के अच्छे अवसर मुहैया कराने के लिए फाउंडेशन से जुड़े संस्थानों ने खुद प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग कराने का फैसला एक मत से लिया।
उन्होंने बताया कि बैठक में पारित हुए प्रस्तावों के बारे में प्रदेश सरकार, यूपीटीयू और समाज कल्याण विभाग को सुझाव भेजे जाएंगे। इस मौके पर फेडरेशन पदाधिकारी देवमूर्ति, नीरज गोयल, वाईके गुप्ता, गिरधर गुलाटी, सुभाष जैन, राकेश गर्ग, बीएस अग्रवाल, राकेश छारिया, सुनील जिंदल, आशु गोयल, राम लूथरा, अनुज मंगल सहित तमाम सदस्य मौजूद थे।