दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीते दो माह से चली आ रही दाखिले की दौड़ समाप्त हो गई है। अब डीयू में शैक्षणिक सत्र 2015-16 केअंतर्गत स्नातक कोर्सेज में कहीं दाखिला नहीं लिया जा सकता है। एसओएल के ऑफ लाइन प्रक्रिया मंगलवार दोपहर समाप्त हुई जबकि ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के तहत छात्रों ने मंगलवार आधी रात तक दाखिला लिया। इस वर्ष की दाखिला प्रक्रिया की खास बात यह है कि इस बार एसओएल में ऑनर्स कोर्सेज में ज्यादा दाखिले हुए हैं।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक प्रो. सी.एस दुबे ने बताया कि इस बार एसओएल में चलने वाले स्नातक कोर्सेज में ऑनलाइन व ऑफलाइन मिलाकर कुल 1.40 लाख दाखिले हुए हैं। दाखिलों की यह संख्या बीते साल के दाखिलों केलगभग बराबर ही है। इस बार दाखिला प्रक्रिया दस दिन देरी से शुरू हुई, बावजूद इसके दाखिले काफी हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार ऑनलाइन दाखिले लगभग एक लाख आठ हजार हुए हैं।
इस बार के दाखिले के ट्रेंड केबारे में उन्होंने बताया कि ऑनर्स कोर्सेज को युवाओं ने हाथोंहाथ लिया है। बीकॉम में इस बार 38 फीसदी ज्यादा दाखिले हुए हैं जबकि बाकी ऑनर्स कोर्सेज में 20 फीसदी ज्यादा दाखिले हुए हैं। जबकि बीए प्रोग्राम में पांच से छह हजार के आसपास दाखिले हुए हैं। यह ट्रेंड यह साबित करता है कि एसओएल में भी क्वालिटी में सुधार हो रहा है।
अब तक रेगुलर कॉलेज में ही हाई स्कोरर छात्र दाखिला लेते थे, लेकिन इस बार एसओएल में भी 95 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों ने काफी संख्या में दाखिला लिया है। उन्होंने बताया कि अब दाखिला लेने वाले छात्रों केलिए 20 सितंबर से पीसीपी कक्षाएं (पसर्नल कंटैक्ट प्रोग्राम) शुरू हो जाएंगी। एसओएल इन कक्षाओं केलिए सेेंटर बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों से बात कर रहा है।