गणेश उत्सव पर यहां की एक मिठाई दुकान ने 8000 किलो का लड्डू बनाया है। इस दुकान ने पहली भी गणेशोत्सव पर चार बार विशाल लड्डू बना कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम शुमार किया है। लेकिन अब पांचवीं बार 8000 किलो का लड्डू बना कर नया रिकार्ड बनाने का इरादा है।
इससे पहले इसी दुकान की ओर से 2011 में 5,570 किग्रा, 2012 में 6,599 किग्रा, 2013 में 7,132 किग्रा और 2014 में 7,858 किग्रा के लड्ड़ू बनाए गए थे। ये आंध्र में गणेशोत्सव पर बनाए गए सबसे वजनी लड्डुओं के तौर पर दर्ज हैं।
राजमुंदरी स्थित मिठाई की दुकान भक्तनजनेया के मालिक सलाडी वेंकटेश्वर राव ने इस बार 8,000 और 6400 किलो के दो भारी-भरकम लड्डू तैयार करवाए हैं। इन्हें बुधवार को दो गणेशोत्सव समारोहों में चढ़ाया जाएगा। 8 हजार किलो के लड्डू का नाम नवयांध्रा रखा गया है।
यह लड्डू विशाखापट्टनम के गजुवाका क्षेत्र में रहने वाले अनिवासी भारतीयों के सहयोग से तैयार किया गया है। 6400 किलोग्राम का लड्डू विजयवाड़ा में डूंडी गणेश सेवा समिति की ओर से लगे 63 फुट की गणेश प्रतिमा के लिए बना है। इन लड्डूओं को बनवाने में 40 लोगों को लगाना पड़ा।
वेंकटेश्वर राव ने बताया कि इस 8000 किलो के लड्डू को 12 कारीगरों ने 8 दिन में बनाया है। राव का कहना था कि उनकी इच्छा इस साल भी सबसे बड़ा लड्डू बनाकर अपने पुराने गिनीज बुक रिकार्ड को तोड़ने की थी। इस बार उन्हें लड्डू बनाने के आर्डर ओडिशा, बंगलुरू , चेन्नई और हैदराबाद से भी मिले हैं।