फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदू कॉलेज में ECA कोटा खत्म होने की ये है वजह

Mon, 07 Jul 2014 03:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदू कॉलेज में ईसीए कोटे से दाखिले पर लगी रोक में एक नया तथ्य सामने आया है। कॉलेज प्रबंध समिति के चेयरमैन के इस आदेश के पीछे समिति सदस्यों को दाखिले में महत्व दिए जाने का मामला जुड़ा है।
विज्ञापन


इससे जुड़े कॉलेज के प्रस्ताव को कुछ दिनों पहले डीयू प्रशासन ने मानने से इनकार कर दिया था। प्रस्ताव में समिति सदस्यों के परिवारजनों को दाखिले में महत्व दिए जाने की बात की गई थी।

अब कॉलेज प्रबंध समिति के ईसीए कोटे को खत्म करने के इस फैसले को भी डीयू की ओर से उस प्रस्ताव को खारिज करने का जवाब माना जा रहा है।

कॉलेज स्टाफ काउंसिल के सदस्य व सचिव डॉ. सचिन वशिष्ठ ने बताया कि मार्च 2014 में हुई प्रबंध समिति की एक बैठक में समिति सदस्यों के परिवार से आने वाले बच्चों को कॉलेज में दाखिले के समय महत्व दिए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। जिस पर डीयू से भी मंजूरी मांगी गई थी।
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि 21 मई को प्रिंसिपल के माध्यम से भेजे गए इस प्रस्ताव पर डीयू प्रशासन ने 29 मई को अपना जवाब भेजा। जवाब में न सिर्फ ईसीए व स्पोर्ट्स कोटे के दाखिले नियमों के अनुसार पहले की ही तरह जारी रखने की बात कही गई बल्कि प्रबंध समिति के सदस्यों के लिए दाखिले में राहत को सिरे से नकार दिया गया।

इस मामले को 6 जून 2014 को काउंसिल के समक्ष पेश किया गया और इस पर सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि डीयू नियमों के अनुसार ही कॉलेज में दाखिले होंगे। वहीं कॉलेज सूत्रों की माने तो पहले डीयू और फिर स्टाफ काउंसिल के बीच इस तनातनी का नतीजा रहा कि प्रबंध समिति ने ईसीए कोटे पर रोक लगाने का निर्णय किया।

हालांकि इसे लेकर प्रबंध समिति की ओर से बीते सालों में ईसीए कोटे के दाखिलों में होने वाली गड़बड़ियों को आधार बनाया जा रहा। जबकि कॉलेज शिक्षकों का कहना है कि प्रबंध समिति के सदस्यों को दाखिले में महत्व नहीं मिलने पर यह कदम उठाया गया है।

विरोध के लिए तैयार छात्र संगठन
ईसीए कोटे पर हिंदू कॉलेज में लगी रोक के खिलाफ कैंपस में सक्रिय छात्र संगठनों ने विरोध की तैयारी कर ली है। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा ने बताया कि आवेदन मंगाने और ट्रायल शुरू होने से महज तीन दिन पहले ही दाखिला प्रक्रिया रद्द किए जाने की घोषणा करना सरासर अनुचित है। उन्होंने कहा कि डीयू के कॉलेज प्रबंध समिति के आदेश पर नहीं बल्कि डीयू के नियमों के अनुसार चलते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र संगठन सोमवार से इस मुद्दे को लेकर बैठक कर कॉलेज में विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति का निर्णय लेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें