देश के सर्वश्रेष्ठ ब्वॉयज बोर्डिंग स्कूल की पहचान रखने वाला उत्तराखंड का दून स्कूल दक्षिण भारत की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में है। करीब 65 प्रतिशत उत्तर भारतीय छात्रसंख्या वाला यह स्कूल दक्षिण भारतीयों को अपने साथ जोड़ना चाहता है।
अप्रैल में स्कूल प्रबंधन की ओर से हैदराबाद में संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दक्षिण भारतीय अभिभावकों को स्कूल की दाखिला प्रक्रिया, इसकी वैश्विक पहचान आदि की जानकारी दी जाएगी।
स्कूल के हेडमास्टर पीटर मैकलागिन बताते हैं कि अभी स्कूल में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से ही अधिकतर बच्चे आते हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के भी छात्र हैं, लेकिन इनकी संख्या कम है। स्कूल अब दक्षिण भारतीय अभिभावकों तक पहुंचेगा।
एडमिशन हेड मदन कोठारी के मुताबिक स्कूल के हेडमास्टर पीटर मैकलॉगिन और उनकी पत्नी एवं निदेशक एडमिशन एलिजाबेथ मैकलॉगिन सेमिनार में शिरकत करेंगे। हैदराबाद के हैदर महल में तीन अप्रैल को शाम सात से नौ बजे के बीच यह सेमिनार होगा।
ये स्कूल है कुछ खास
विशेष तथ्य
स्थापना: दस दिसंबर 1935
कक्षाएं: सात से 12 तक
दाखिले: कक्षा सात और कक्षा आठ में
दाखिला प्रक्रिया: अक्तूबर में शुरू
नया सत्र: एक अप्रैल से शुरू
छात्रसंख्या: 570
पूर्व छात्र: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर, कमलनाथ, जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण सिंह, सीपीएन सिंह, कर्ण सिंह, दिनेश सिंह, आरपीएन सिंह, संजय गांधी, नवीन पटनायक, कैप्टन अमरिंदर सिंह, ले.जन. गुलाम जिलानी खान, बिजनेसमैन राजीव दत्ता, अजीत नारायण, अनिल कुमार, अनलजीत सिंह, साहित्यकार आमिर अली, कांति बाजपेयी, रामचंद्र गुहा, बीजी वर्गीज आदि।
दक्षिण भारतीय अभिभावकों को बताया जाएगा कि क्यों दून स्कूल को सर्वश्रेष्ठ ब्वायज स्कूल माना जाता हैै। दून स्कूल से निकलने के बाद बच्चे के लिए वैश्विक राहें खुलेंगी। यह सेमिनार अगले वर्ष अक्तूबर में शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया के लिए होगा, ताकि अभिभावकों को जांच-परख का समय मिल सके।
- एलिजाबेथ मैकलॉगिन, निदेशक एडमिशन
गर्मियों में सीखें लीडरशिप
द दून स्कूल में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान लीडरशिप के गुर सिखाने के लिए 15 दिवसीय शिविर का आयोजन होने जा रहा है। इसमें देशभर के 14-18 और 9-12 आयुवर्ग के छात्र हिस्सा लेंगे। एक से 15 जून 2015 के बीच ‘रेजीडेंशियल समर एट दून लीडरशिप प्रोग्राम’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ आकर युवाओं को लीडरशिप के गुर सिखाएंगे।