दिल्ली विश्वविद्यालय में जुलाई से शुरू होने जा रहे शैक्षणिक सत्र में फोरेंसिक साइंस में बीटेक की पढ़ाई होगी। यह अपने तरह का अनूठा कोर्स होगा और देश में फोरेंसिक विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने में मदद करेगा।
डीयू की ओर से जारी किए गए ओएमआर फॉर्म में छात्रों को इस कोर्स को चुनने का विकल्प दिया गया है।
नार्थ कैंपस स्थित श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ जसविंदर सिंह ने बताया कि चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत इस कोर्स को शुरू करने के लिए विवि को ड्राफ्ट प्रपोजल तैयार करके भेजा जा चुका है।
इसकी फीस अन्य बीटेक डिग्री कोर्स के बराबर होगी। फिलहाल सीटों की संख्या तय नहीं की गई है। माना जा रहा है विवि तीस से चालीस सीटों पर दाखिलों की अनुमति प्रदान कर सकता है।
खास बात यह है कि इस कोर्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, केस स्टडी, प्रोजेक्ट और रिसर्च को भी शामिल किया गया है। इसमें डीएनए के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। साथ ही सर्विलांस और साइबर क्राइम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी।