स्थापना के 12 वर्ष बाद भी गैरसैंण का डिग्री कालेज पुराने बेसिक स्कूल के भवन पर चल रहा है। कक्षा-कक्षों और जरूरी सुविधाओं के अभाव में यहां विज्ञान संकाय शुरू नहीं हो पाया है।
वर्ष 2001 में स्थापित डिग्री कालेज गैरसैंण की कक्षाएं बेसिक स्कूल के पुराने भवन के टिन शेड पर कला संकाय की तीन कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
करीब पौने चार सौ छात्र संख्या वाले इस कालेज में छात्रों और स्टाफ के लिए भी पर्याप्त फर्नीचर भी नहीं है।
किसी ने नहीं ली सुध
गैरसैंण में नवंबर 2012 में कैबिनेट बैठक, जनवरी 2013 में विधानसभा भवन शिलान्यास और भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन पूजन के दौरान भी सीएम से लेकर अन्य नेताओं ने डिग्री कालेज की सुध नहीं ली।
वर्ष 2008 में तत्कालीन सीएम बीसी खंडूड़ी की ओर से कालेज में बीएड की एक सौ सीटों की घोषणा भी हवाई साबित हुई।
छात्र संघ अध्यक्ष का है कहना
छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप रावत कहते हैं कि उच्च शिक्षा के नाम पर यहां सिर्फ छात्र-छात्राओं के भविष्य से मजाक किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आठवें दिन भी धरना जारी
विज्ञान संकाय और पीजी कक्षाओं की मांग को लेकर छात्रसंघ का क्रमिक धरना प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलित छात्रों ने डिग्री कालेज का संचालन फरकंडे में निर्मित परिसर में शुरू न करने पर तीन फरवरी से व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। धरने पर बैठने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष सहित वीरेंद्र, भरत, सुनील, कुलदीप आदि छात्र थे।