दो महीने से मेरिट पर दाखिले का दावा, ओएमआर में गलती के नाम पर 80 प्रतिशत वाले होनहारों का बाहर होकर एडमिशन के लिए भटकना और अब नतीजा पहले आओ, पहले पाओ।
डीएवी कॉलेज में दाखिलों का यह फार्मूला हटने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को कॉलेज प्रशासन ने छात्र संगठनों के दबाव में आकर मॉर्निंग शिफ्ट के लिए 45 फीसदी कट ऑफ की मेरिट जारी कर दी, जबकि इससे पहले मेरिट 60 फीसदी से ऊपर थी। इसके बाद कॉलेज में हंगामा शुरू हो गया। हंगामा बढ़ता देख प्राचार्य ने फिलहाल दोबारा दाखिला प्रक्रिया रोक दी है।
बची सीटों पर मेरिट जारी की गई
कॉलेज में शुक्रवार सुबह बीए, बीएससी और बीकॉम की मॉर्निंग शिफ्ट की बची सीटों पर मेरिट जारी की गई। इसका कट ऑफ 45 प्रतिशत तक गया। सूत्रों के मुताबिक कॉलेज ने हड़बड़ाहट में यह कदम उठाया। इसके चलते मेरिटोरियस छात्र पिछड़ गए।
कॉलेज की भूमिका पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि ओएमआर शीट में एक गलती पर 80 प्रतिशत वाले छात्र को मेरिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, लेकिन 45 प्रतिशत वाले छात्र को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दाखिला दिया गया।
इस बीच छात्रों ने हंगामा भी शुरू कर दिया। कुछ छात्रों ने आर्ट्स की हेड डा. बीना जोशी के हाथ से मेरिट लिस्ट छीनकर फाड़ दी। मेरिट वाले छात्र कॉलेज में भटकते रहे। प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन का कहना है कि फिलहाल दाखिका प्रक्रिया रोक कर जांच शुरू कर दी गई है।