राजधानी देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज के लॉ फैकल्टी में मंगलवार को दिन भर हंगामा होता रहा। कॉलेज में काउंसिलिंग समाप्त होने के एक दिन बाद एडमिशन लेने आई छात्रा बवाल की वजह बन गई।
कॉलेज प्रशासन ने जब अंतिम तिथि बीतने का हवाला दिया तो छात्रा के पक्ष में एबीवीपी नेता आ गए। विभाग में जमकर बदतमीजी की, मेज पलटने की कोशिश की। बाद में जब पूरा माजरा समझ में आया तो छात्र नेता वापस लौट गए।
डीएवी कॉलेज में कई दिन पहले एलएलबी की चौथी प्रतीक्षा सूची जारी हुई थी। छह सीटों के लिए पांच अक्टूबर को इस सूची के आधार पर रिपोर्टिंग और सात अक्टूबर को एडमिशन होने थे। एक छात्रा पांच अक्टूबर को पंजीकरण कराने आई लेकिन सात अक्टूबर को दाखिले के लिए नहीं आई।
छात्रा रोने लगी
मंगलवार को छात्रा एडमिशन कराने आई तो विभागाध्यक्ष मौ. रफा ने अंतिम तिथि बीतने का हवाला देते हुए दाखिले से इंकार कर दिया। छात्रा विभाग में ही फूट फूटकर रोने लगी। इस बीच एबीवीपी नेता पारस गोयल कई कार्यकर्ताओं के साथ छात्रा के पक्ष में हंगामा करने पहुंच गया।
छात्रा का रिपोर्टिंग रिकॉर्ड मांगा
पारस के साथ लॉ विभागाध्यक्ष और अन्य शिक्षकों की तीखी बहस हुई। इस बीच पारस ने कुर्सी व मेज भी पलटने की कोशिश की। बाद में पूर्व अध्यक्ष अंशुल चावला ने आकर स्थिति संभाली। नाराज छात्र नेताओं ने छात्रा का रिपोर्टिंग रिकॉर्ड मांगा। पांच अक्टूबर को उसके हस्ताक्षर देखने के बाद छात्र मान गए। छात्रा भी वापस लौट गई। लॉ एचओडी ने बताया कि निर्धारित तिथि तक दाखिला न लेने वाली छात्रा की सीट अब खाली हो गई है। इसके लिए दोबारा मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके तहत आने वाले छात्र को एडमिशन दिया जाएगा।