नई कंपनियों लघु व मध्यम क्षेत्र की इकाइयों (एसएमई) के लिए खुद को पूंजी बाजार से जोड़ना आसान होने वाला है।
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जल्द ही ऐसी कंपनियों को बाजार में सूचीबद्ध करने के लिए नए नियम जारी कर सकता है।
इन नियमों के तहत इन कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाए बिना बाजार में सीधे सूचीबद्ध होने की छूट दी जा सकती है।
सेबी का बोर्ड नई कंपनियों और एसएमई को आईपीओ लाए बिना इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग प्लेटफार्म (आईटीपी) के जरिए बाजार में लिस्टिंग की छूट देने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दे चुका है।
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर लिस्टिंग से जुड़े नए नियमों को अधिसूचित कर सकता है। इसके तहत आईटीपी रूट के तहत ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट की न्यूनतम राशि को 10 लाख रुपये रखा जाएगा।
इसके अलावा आईटीपी प्लेटफार्म के जरिए लिस्टेड कंपनियों को कंपनी में कम से कम 25 फीसदी की सार्वजनिक हिस्सेदारी (पब्लिक होल्डिंग) की बाध्यता से भी मुक्त रखा जाएगा।
आईटीपी के जरिए सूचीबद्ध कंपनियों को अन्य तरीकों से पूंजी जुटाने की छूट नहीं होगी। हालांकि यह प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए पूंजी का इंतजाम कर सकेंगी।
मौजूदा नियमों के तहत नई और एसएमई सेक्टर की कंपनियों में धन लगाने वाले निवेशकों के लिए निवेश से बाहर निकलना काफी मुश्किल भरा काम है। इसके चलते संस्थागत निवेशक इस सेक्टर में निवेश करने से हिचकते हैं।
नए नियमों के तहत सेबी इस समस्या का भी समाधान करेगा। इसके तहत वेंचर कैपिटल फंड, प्राइवेट इक्विटी निवेशक और एंजल इनवेस्टरों को अपने निवेश से आसानी के साथ बाहर निकलने की सहूलियत दी जाएगी।