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छात्र बदलेंगे कॉलेजों की सूरत

Sun, 04 Aug 2013 07:39 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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कॉलेज में नल में पानी नहीं आ रहा या बैठने के लिए क्लास में सीट नहीं मिलती। गुरुजी क्लास में देर से आते हैं या ठीक नहीं पढ़ाते।
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कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या हो सकता है? इन सभी के बारे में अब खुद स्टूडेंट्स कॉलेज प्रशासन को बताएंगे। साथ ही अगर स्टूडेंट्स चाहेंगे तो उनकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी।

ये सब होगा फीडबैक बॉक्स के जरिए। राजधानी के नेशनल पीजी कॉलेज में शुरू हो चुकी इस व्यवस्था को अब कुछ और कॉलेज अपनाने जा रहे हैं। कॉलेजों में फीडबैक बॉक्स रखा जाएगा जिसमें छात्र अपने नाम से या बिना नाम लिखे शिकायत या सुझाव लिखकर डाल सकेंगे।
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नेशनल कॉलेज ने सबसे पहले छात्रों के फीडबैक के लिए कई उपाय किए। यहां अभिभावकों और छात्रों के साथ हर सत्र में कई बार बैठक होती हैं।

उसमें भी यदि वे अपनी बात खुलकर नहीं रख सकते तो उसके लिए कॉलेज में एक सुझाव और शिकायत पेटिका लगाई गई है।

कोई भी स्टूडेंट अपने नाम से या बिना नाम के अपनी बात लिखकर इसमें डाल देता है। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह बताते हैं कि इन सुझावों और शिकायतों पर वे बैठक कर व्यवस्था संबंधी खामियों को दूर करने की कोशिश करते हैं।

अब इस व्यवस्था को लागू करने जा रहे जयनारायण कॉलेज (केकेसी) के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा कहते हैं कि हमारे यहां डीन स्टूडेंट वेलफेयर की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति पहले से बनी हुई है लेकिन कुछ स्टूडेंट्स संकोची होते हैं। वे सीधे शिकायत नहीं कर पाते।
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नए सत्र में शिकायत और सुझाव पेटिका रखवाने के लिए भी कमेटी के सदस्यों से बात हुई है। इसी हफ्ते यह पेटिका प्राचार्य कक्ष के बाहर रखवाई जाएगी।

विद्यांत हिंदू कॉलेज की प्राचार्य डॉ. धर्म कौर भी कहती हैं कि शिकायत निवारण समिति बनी हुई है लेकिन छात्रों की बात सीधे हम तक पहुंचे, इसके लिए जरूरी है कि वे बिना संकोच अपनी बात कह सकें।
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