सीबीएसई स्कूलों के स्टूडेंट्स अब ये बताएंगे कि स्कूल कैसा हो और उसमें क्या एक्टीविटीज कराई जाएं, ताकि स्टूडेंट्स का ओवर ऑल डेवलपमेंट हो सके। बोर्ड इस संबंध में स्टूडेंट्स से ऑनलाइन फीड बैक ले रहा है।
यह फीड बैक 5 अक्तूबर तक लिया जाएंगे। फीड बैक के आधार पर बोर्ड नई एजूकेशन पॉलिसी की रूपरेखा तैयार करेगा। कुछ सवालों में शून्य से पांच तक रेटिंग है।
स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर ही सरकार और बोर्ड नीतियां तय करते हैं। सीबीएसई की एडिशनल डायरेक्टर सुगंधा शर्मा के मुताबिक बोर्ड कक्षा 6 से 12 वीं तक स्टूडेंट्स से कई टॉपिक पर फीड बैक ले रहा है।
इस फीडबैक से बोर्ड अधिकारी यह जानेंगे कि क्या परिवर्तन किया जाए, जिससे स्कूलों में टीचर्स और स्टूडेंट्स में रिश्ते मधुर हों। स्टूडेंट्स का ओवरऑल डेवलपमेंट हो। इसलिए बोर्ड स्टूडेंट्स से फीडबैक फार्म भरवा रहा है।
फार्म में सभी इंफॉरमेशन मांगी गई है। इसमें घर से स्कूल की दूरी, मीडियम, टीचिंग कितनी लाभदायक है, क्लचरल एक्टीविटीज, डांस, गाना, ड्रामा, लाइब्रेरी कैसी है। स्पोर्ट्स में क्या खास होता है। फार्म में कुल 28 प्रश्न पूछे गए हैं, जिन्हें स्टूडेंट्स ही ऑनलाइन भरेंगे।
गुरुकुल स्कूल के डायरेक्टर सचिन वत्स ने बताया कि स्टूडेंट्स से फीड बैक लेना बहुत अच्छा है, लेकिन उससे पहले स्टूडेंट्स को बताना पड़ेगा कि एजूकेशन पालिसी क्या है। फीड बैक के क्या फायदे हैं।
इसके बाद सरकार उसे लागू करे। स्कूल में फीड बैक फार्म अक्तूबर के पहले सप्ताह से भरे जाएंगे। पहले स्टूडेंट्स को हर जानकारी दी जाएगी।