पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने अगले सत्र से 5 फीसदी फीस बढ़ाने का फैसला लिया है। शनिवार को पीयू सिंडीकेट ने प्रस्ताव पर काफी देर तक चर्चा के बाद फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
सभी सिंडीकेट सदस्यों की सहमति से पीय ने ट्यूशन फीस में 500 से 1200 रुपये तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। दोपहर बाद पीयू सिंडीकेट रूम में कुलपति की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। मीटिंग में एनआरआई विद्यार्थियों की फीस में भी 5 फीसदी इजाफा कर दिया गया है।
पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने मीटिंग में बताया कि केंद्र सरकार से ग्रांट पाने के लिए हर साल फीस में कुछ फीसदी इजाफा जरूरी है। सिंडीकेट सदस्य एचएस लकी ने फीस बढ़ोतरी से मिलने वाले पैसे को विद्यार्थियों के ही वेलफेयर पर खर्च करने की बात रखी।
फीस बढ़ोतरी से पीयू को हर साल 1.5 से 2 करोड़ आमदनी होने की उम्मीद है। लकी के प्रस्ताव को कुलपति ने स्वीकार कर लिया। सिंडीकेट ने चीफ सिक्योरिटी अफसर और पीयू असिस्टेंट रजिस्ट्रार पदों पर नियुक्ति के लिए नई शैक्षणिक योग्यताओं को मंजूरी दे दी है।
निर्माण कार्य की जांच न करने का भी मुद्दा उठा
सिंडीकेट में पीयू में बन रही बिल्डिंग में घटिया सामान लगाए जाने और उस पर निर्माण कार्य पर किसी तरह का चेक नहीं होने का मुद्दा भी उठा। सिंडीकेट सदस्य अजय रंगा ने मामला उठाया। कुलपित ने तीन सदस्य कमेटी बनाने का आश्वासन दिया, जो पीयू में चल रहे निर्माण कार्यो पर नजर रखेगी। अशोक गोयल ने 2016 की पीयू डायरी और डायरेक्टरी अलग-अलग बनाए जाने का विरोध किया।
सिंडीकेट ने इन प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई
-पीएचडी रिसर्च स्कॉलर दानिश होर को पीएचडी थीसिस जमा करने की अनुमति।
-अगली सिंडीकेट बैठक 27 फरवरी को होगी।
-खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अतिरिक्त स्कॉलरशिप देने का प्रस्ताव पास हुआ।
-लुधियाना के अरबिंदो कालेज ऑफ कामर्स को बीकाम की 3 और बीबीए की दो यूनिट शुरू करने को मंजूरी।
-मास्टर इन सोशल साइंस वर्क(एमएसडब्ल्यू ) कोर्स में दाखिला अब पीयू के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के तहत होगा।
- पीयू में बने नए इंटरनेशनल हॉस्टल की फीस बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी गई है।
अगली मीटिंग में आएगा यौन उत्पीड़न मामला
पीयू चांसलर और देश के उपराष्ट्रपति डॉ.हामिद अंसारी द्वारा एक महिला प्रोफेसर मामले में कार्रवाई किए जाने का मामला भी सिंडीकेट बैठक में आया। इस मामले को लेकर काफी देर तक बहस हुई। आखिर में पीयू कुलपति ने मामले को नए सिरे से आगामी सिंडीकेट में लाने का प्रस्ताव पेश किया जिसे सिंडीकेट सदस्यों ने स्वीकार कर लिया।