उत्तराखंड के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज की विज्ञान प्रयोगशालाओं के दिन जल्द बहुरने वाले हैं।
पहली किश्त के अनुरूप प्राथमिकता होगी निर्धारित
विज्ञान प्रयोगशाला में काम को लेकर पहली किस्त मिलने के बाद बुधवार को प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने विभागाध्यक्षों की बैठक ली एवं फिस्ट से जारी बजट की पहली किश्त के अनुरूप प्राथमिकता निर्धारित कर उनसे प्रस्ताव मांगे।
डीएवी कॉलेज की विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थिति बदहाल है। कॉलेज के छात्र इस समस्या को समय-समय पर उठाते रहे हैं, लेकिन बजट की कमी के चलते स्थिति नहीं सुधर पायी है। अब फिस्ट के तहत मिली राशि से कॉलेज में कम से कम विज्ञान विभागों की स्थिति बदलने के आसार हैं।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की फिस्ट (फंड फॉर इंप्रूवमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) के तहत कालेज के लिए हाल ही में एक करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। इसकी पहली किस्त 57.50 लाख रुपए की कॉलेज को मिली है। जिसे इसी वित्तीय वर्ष में खर्च किया जाना है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि मामले में कॉलेज के सभी छह विभागाध्यक्षों की बैठक ली गई। बैठक में प्रथम किश्त के अनुरूप विभागाध्यक्षों से प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव देने को कहा गया है। प्राचार्य ने कहा कि फरवरी माह शुरू होते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।