देश के जांबाज सैनिकों, पुलिसकर्मियों और आईटीबीपी के जवानों की बहादुरी के किस्से अब पाठ्यक्रम में शामिल किए जाएंगे। इसका फैसला सीबीएसई की करिकुलम समिति की बैठक में लिया गया। मार्च 2015 से नए सत्र में बोर्ड इसे लागू करने की योजना बना रहा है।
सिलेबस में जुड़ेंगीं कहानियां
सीबीएसई की करिकुलम कमेटी की बैठक तय किया गया कि देश की खातिर बलिदान देन वाले वीर सैनिकों की कहानियां सिलेबस का हिस्सा बनाई जाएंगी। इसके लिए बोर्ड अलग से बुकलेट जारी करेगा।
युद्ध और शांति के समय भाग लेने वाले गुमनाम हीरो को इसमें जगह दी जाएगी। बोर्ड के चेयरमैन विनीत जोशी ने बताया कि इसके लिए आर्म्ड फोर्सेज से वीर जांबाजों की लिस्ट मांगी है। इंडियन काउंसिल आफ हिस्टोरिकल रिसर्च (आईसीएचआर) की भी मदद इस डाटा को जुटाने में ली जाएगी।
नौंवी और दसवीं में पूछे जाएंगे सवाल
बताया कि बोर्ड सेकेंडरी और सीनियर सकेंडरी स्तर पर बुकलेट जारी करेगा। नौंवी और दसवीं में समेटिव असेसमेंट में इससे संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
12वीं के छात्रों के लिए इस विषय पर प्रोजेक्ट तैयार करवाया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि इसकी शुरूआत से युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। बोर्ड इस बुकलेट को नए साल में सिलेबस का हिस्सा बनाने की योजना बना रहा है।